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केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री का आह्वान समझौते से सुलझाएं विवाद
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भुवनेश्वर में प्रवासी राजस्थानी समाज से किया संवाद
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पारिवारिक मुकदमों को आपसी सहमति से निपटाने की अपील की
भुवनेश्वर। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पारिवारिक विवादों को अदालतों में वर्षों तक लंबित रखने के बजाय आपसी समझौते से सुलझाने का आह्वान करते हुए कहा कि परिवार की खुशहाली से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार को बचाने और रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए हार भी माननी पड़े तो उसमें कोई बुराई नहीं है।
राजस्थान फाउंडेशन, भुवनेश्वर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रवासी राजस्थानी समाज को संबोधित करते हुए मेघवाल ने कहा कि देश में लंबित मुकदमों का एक बड़ा हिस्सा पारिवारिक विवादों से जुड़ा हुआ है। यदि इन्हें संवाद और समझौते के माध्यम से सुलझाया जाए तो न केवल अदालतों का बोझ कम होगा बल्कि परिवारों में भी सुख-शांति कायम रहेगी।
25 साल पुराने विवाद का दिया उदाहरण
उन्होंने एक 25 साल पुराने विवाद का उल्लेख करते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की लोक अदालत में एक ऐसा मामला आया, जिसमें पति-पत्नी के बीच 25 वर्षों से विवाद चल रहा था। अंततः आपसी सहमति से समझौता हुआ और परिवार को राहत मिली। मेघवाल ने कहा कि यदि यह समझौता पहले हो जाता तो दोनों पक्ष 25 वर्षों तक तनाव और मानसिक पीड़ा से बच सकते थे।
उन्होंने कहा कि कभी-कभी ‘मैं’ को छोड़कर ‘हम’ को अपनाना ही सबसे बड़ी जीत होती है। परिवार की खुशी के लिए यदि हारना पड़े तो हार जाइए, क्योंकि परिवार सबसे महत्वपूर्ण है।
पर्यावरण संरक्षण में छोटी पहल भी अहम
केंद्रीय मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि ऊर्जा की अनावश्यक खपत कम करना भी प्रकृति की सेवा है। उन्होंने लोगों से एयर कंडीशनर सहित अन्य संसाधनों का जरूरत के अनुसार ही उपयोग करने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की।
राष्ट्र निर्माण में प्रवासी समाज की भूमिका सराहनीय
भुवनेश्वर प्रवास के दौरान राजस्थान फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मेघवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और संकल्प के 12 वर्षों की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकसित भारत के लक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी समाज राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-कार्यवाह मानसुख सेठिया ने भी सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक शिष्टाचार, स्वबोध जागरण और परिवार प्रबोधन जैसे विषयों पर समाज से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
विभिन्न संस्थाओं ने किया सम्मानित
भुवनेश्वर प्रवास के दौरान विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं की ओर से केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का सम्मान किया गया। इस दौरान एम्स से जुड़े प्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों ने उनसे मुलाकात कर क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
राजस्थान के लिए रेल संपर्क की उठी मांग
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधियों ने ओडिशा से राजस्थान के लिए नई ट्रेनों के संचालन, वर्तमान में चल रही कुछ ट्रेनों का कटक जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव सुनिश्चित करने तथा कुछ ट्रेनों को दिल्ली तक सीमित रखने के बजाय सीधे राजस्थान तक संचालित करने की मांग रखी। इस पर केंद्रीय मंत्री ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने और संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।
केंद्रीय मंत्री ने गजल और लोकगीतों से सजाया मंच
राजस्थान फाउंडेशन, भुवनेश्वर द्वारा आयोजित कार्यक्रम उस समय यादगार बन गया जब केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने संबोधन के साथ-साथ गजल और लोकगीतों की मधुर प्रस्तुति देकर पूरे सभागार को भावविभोर कर दिया। उनके सुरों ने न केवल प्रवासी राजस्थानी समाज को अपनी मातृभूमि की याद दिलाई, बल्कि उपस्थित सभी लोगों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ दिया।
जगजीत सिंह की गजल ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान मेघवाल ने प्रसिद्ध गजल गायक जगजीत सिंह की चर्चित गजल प्रस्तुत की, जिसने सभागार में मौजूद लोगों के दिलों को छू लिया। जैसे ही उन्होंने गजल के सुर छेड़े, पूरा माहौल आत्मीयता और अपनत्व से भर उठा और श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।
“गीतों के सहारे चुनाव जीतता हूं”
अपने सहज और आत्मीय अंदाज में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजनीति में भी लोक संगीत ने उन्हें लोगों से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि मैं गीतों के सहारे ही चुनाव जीतता हूं। मंच पर गाकर मैं खुद को मतदाताओं के हवाले कर देता हूं और जनता का स्नेह ही मेरी सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। उनके इस वक्तव्य पर सभागार में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
लोकगीतों ने ताजा कर दी राजस्थान की यादें
मेघवाल ने राजस्थान के पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुति भी दी, जिससे प्रवासी राजस्थानी समाज के लोगों की पुरानी यादें ताजा हो गईं। गीतों के माध्यम से उन्होंने अपनी जन्मभूमि की संस्कृति, लोक परंपराओं और मिट्टी की खुशबू को मंच पर जीवंत कर दिया। कई श्रोता भावुक नजर आए और कार्यक्रम का माहौल सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया।
इस मौके पर राजस्थान फाउंडेशन, भुवनेश्वर के अध्यक्ष तथा भाजपा नेता अजय अग्रवाल, आरएसएस के सह प्रांत संघचालक मनसुख सेठिया, भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल भी उपस्थित थे। अजय अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया, जबकि मनसुख सेठिया ने संघ के विचारों को रखा।
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