-
समावेशी ऋण विस्तार पर जोर
-
एसएलबीसी की 183वीं बैठक में मुख्य सचिव अनु गर्ग ने दिए निर्देश
-
पर्यटन, कृषि उद्यमिता और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में बढ़ेगा ऋण प्रवाह
भुवनेश्वर। ओडिशा के संतुलित और समावेशी आर्थिक विकास को गति देने के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 183वीं बैठक भुवनेश्वर स्थित होटल ताज विवांता में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव अनु गर्ग ने की, जिसमें बैंकों को राज्य के विजन दस्तावेज के अनुरूप सभी क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि ओडिशा के विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पर्यटन, कृषि उद्यमिता, गहरे समुद्र में मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में ऋण उपलब्धता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने सेवा क्षेत्र को विकास के अगले चरण का प्रमुख आधार बताते हुए इस क्षेत्र में भी अधिक निवेश और ऋण विस्तार पर बल दिया।
अनु गर्ग ने कहा कि राज्य में व्यापार सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को और मजबूत किया जाए ताकि निवेश और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) की ओर अग्रसर करने के लिए बैंकों को विशेष पहल करने का आह्वान किया।
मुख्य सचिव ने सभी नियंत्रक बैंकों, जिला अग्रणी प्रबंधकों (एलडीएम), विभिन्न विभागों और जिला प्रशासन को चालू वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने हेतु “रेड टेप से रेड कार्पेट” की कार्यशैली अपनाने पर भी जोर दिया।
सीकेवाईसी और सीडी रेशियो सुधार पर चर्चा
वित्त विभाग के प्रमुख सचिव संजीव कुमार मिश्र ने सभी बैंकों में केंद्रीय ग्राहक पहचान रजिस्ट्री (सीकेवाईसी) को पूरी तरह अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग की संयुक्त सचिव शालिनी पंडित ने राज्य में क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) अनुपात को राष्ट्रीय औसत के स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के क्षेत्रीय निदेशक ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाओं और बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार करने पर जोर दिया।
कई विभागों और बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी हुए शामिल
बैठक में वित्त विभाग के प्रमुख सचिव संजीव कुमार मिश्र, भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग की संयुक्त सचिव शालिनी पंडित, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक, पर्यटन, कृषि एवं किसान सशक्तिकरण, हथकरघा, वस्त्र एवं हस्तशिल्प, एमएसएमई तथा मिशन शक्ति विभागों के सचिव, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, यूको बैंक के कार्यकारी निदेशक, एसएलबीसी के संयोजक, नाबार्ड सहित सभी प्रमुख बैंकों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे।
श्रेष्ठ बैंकों और जिलों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन बैंकों और तीन जिलों को सम्मानित भी किया गया। बैठक में वित्तीय समावेशन, ऋण विस्तार और राज्य के विकास लक्ष्यों को गति देने के लिए बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
