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बदहाल सड़कों से शहरवासी बेहाल
बालेश्वर। शहर में इन दिनों विकास के नाम पर विभागीय लापरवाही का एक बड़ा खेल चल रहा है। शहर में जहाँ-तहाँ सड़कों को मनमर्जी से खोदा जा रहा है, लेकिन काम खत्म होने के बाद उनकी मरम्मत करना विभाग भूल गया है। पूरे शहर में चल रही इस बेतरतीब खुदाई के कारण सड़कों की हालत बेहद दयनीय हो चुकी है। जनस्वास्थ्य विभाग के इस ढुलमुल और लापरवाह रवैये से शहरवासी पूरी तरह से त्रस्त हैं।
स्थिति यह है कि आए दिन इन खुले गड्ढों की वजह से छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे स्थानीय जनता में प्रशासन के खिलाफ भारी असंतोष और आक्रोश पनप रहा है।
पेयजल योजना पर खर्च हो रहे 242 करोड़ रुपये
दरअसल, बालेश्वर शहर में पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 242 करोड़ रुपये की एक बड़ी योजना पर काम चल रहा है। इस परियोजना के तहत अब भूजल के बजाय बूढ़ाबलंग नदी के पानी को लाकर, उसे शुद्ध कर लोगों के घरों तक पहुँचाया जाएगा। इस पानी को स्टोर करने के लिए रेमुणा के गंडर्दा में 200 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल स्टोरेज टैंक (जलाशय) का निर्माण किया जा रहा है, ताकि शहर के लोगों को 24 घंटे साफ़ पानी मिल सके।
2026 तक पूरा होना है काम, 77 किमी और खुदेगी सड़क
वर्ष 2024 से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट 2026 तक पूरा होना तय किया गया है। ‘अमृत योजना’ के तहत पहले से बिछाई गई पाइपलाइन के साथ-साथ अब शहर में 77 किलोमीटर अतिरिक्त सड़क खोदकर नई पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। यही वजह है कि विभाग ने शहर के अधिकांश मुख्य मार्गों और गलियों को खोद कर छोड़ दिया है।
नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप
सरकारी नियमों के मुताबिक, पाइपलाइन बिछाने के तुरंत बाद सड़क की मरम्मत कर उसे पुरानी स्थिति में लाना अनिवार्य है। लेकिन यहाँ नियमों को ताक पर रख दिया गया है। कहीं पक्की कंक्रीट की सड़क, कहीं डामर (पिच) की सड़क तो कहीं पेवर ब्लॉक वाले रास्तों को मनमाने ढंग से खोदकर ऐसे ही लावारिस छोड़ दिया गया है। इसके चलते करोड़ों रुपये की लागत से बनीं बेहतरीन सड़कें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं।
गंदे पानी की आपूर्ति और जलभराव ने बढ़ाई आफ़त
सड़कों की मरम्मत न होने के कारण बारिश के पानी के साथ खुदाई की मिट्टी बहकर नालियों में जमा हो रही है, जिससे जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। इतना ही नहीं, इस अंधाधुंध खुदाई के दौरान कई जगहों पर पुरानी पेयजल पाइपलाइन फट गई है। नतीजतन, लोगों के घरों में दूषित और गंदा पानी आ रहा है, जिससे महामारी फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।
क्या बोले अधिकारी?
जनता के बीच उठ रहे इस गंभीर सवाल कि आख़िर इन बर्बाद होती सड़कों के लिए ज़िम्मेदार कौन है और इनकी मरम्मत कब होगी? पर जब जनस्वास्थ्य विभाग के प्राक्कलन अधिकारी नवीन चंद्र सिंह से बात की गई, तो उन्होंने हमेशा की तरह आश्वासन देते हुए कहा कि मामला संज्ञान में है और जल्द से जल्द सभी प्रभावित सड़कों की मरम्मत करा दी जाएगी।
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