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सदस्य देशों के बीच सहयोग को नई दिशा मिली
पुरी। भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता के तहत आयोजित ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की दूसरी बैठक पुरी में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। 3 से 5 जून तक आयोजित इस तीन दिवसीय बैठक ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण, आपदा प्रबंधन सहयोग और लचीले बुनियादी ढांचे के निर्माण के क्षेत्र में सदस्य देशों के बीच सहयोग को नई दिशा प्रदान की।
बैठक के समापन के बाद शनिवार को लोक सेवा भवन में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
प्रेस वार्ता में ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, एनडीएमए के सदस्य कृष्ण स्वरूप वत्स, डॉ दिनेश कुमार असवाल, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी, विशेष राहत आयुक्त एवं ओएसडीएमए के प्रबंध निदेशक राजेश प्रभाकर पाटिल, ओएसडीएमए के कार्यकारी निदेशक डॉ कमल लोचन मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
“रेज़िलिएंस, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के निर्माण” विषय पर आधारित इस बैठक में भारत, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका, ईरान, इथियोपिया, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात सहित ब्रिक्स के आठ सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, आपदा पूर्व तैयारी तथा सदस्य देशों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर व्यापक चर्चा हुई।
आपदा प्रबंधन मॉडल को प्रस्तुत करने का अवसर मिला
इस अंतरराष्ट्रीय मंच ने ओडिशा को अपने विश्व स्तर पर प्रशंसित आपदा प्रबंधन मॉडल को प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। राज्य सरकार ने प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, चक्रवात प्रबंधन, सुनियोजित निकासी व्यवस्था तथा सामुदायिक आधारित आपदा प्रबंधन से जुड़े अपने सफल अनुभवों को साझा किया। प्रतिनिधियों ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ओडिशा की उपलब्धियों की सराहना की और बड़े चक्रवातों के दौरान लगभग शून्य जनहानि सुनिश्चित करने के प्रयासों को विशेष रूप से प्रशंसनीय बताया।
सीधे संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर मिला
बैठक के दौरान ओडिशा के आपदा प्रबंधन अधिकारियों और विशेषज्ञों को विभिन्न देशों के विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर मिला। प्रतिनिधियों ने रामचंडी में ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स द्वारा प्रस्तुत जल बचाव अभियान का जीवंत प्रदर्शन भी देखा, जिसमें बाढ़ और जलजनित आपात स्थितियों से निपटने की राज्य की क्षमता, आधुनिक उपकरणों और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र का प्रदर्शन किया गया।
संभावनाओं को भी वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया
आपदा प्रबंधन के अलावा इस आयोजन ने ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को भी वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया। विदेशी प्रतिनिधियों ने कोणार्क सूर्य मंदिर का भ्रमण किया तथा ओडिशी, छऊ, जात्रा और विभिन्न जनजातीय नृत्य एवं संगीत प्रस्तुतियों का आनंद लिया। प्रतिनिधियों ने ओडिशा के गौरवशाली इतिहास, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विविधता की मुक्त कंठ से सराहना की।
ओडिशा की अंतरराष्ट्रीय पहचान और अधिक मजबूत हुई
अधिकारियों ने कहा कि ब्रिक्स डीआरआरजी बैठक के सफल आयोजन से आपदा प्रबंधन और आपदा प्रतिरोधक क्षमता के क्षेत्र में ओडिशा की अंतरराष्ट्रीय पहचान और अधिक मजबूत हुई है। यह उपलब्धि राज्य के ‘विकसित ओडिशा 2036’ विजन के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य आपदाओं के दौरान शून्य जनहानि सुनिश्चित करना, आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे का विकास, ओडीआरएएफ का आधुनिकीकरण तथा आजीविका और विकास पर आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करना है।
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