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एनएचआरसी ने जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाईं की मौत की जांच की तेज
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पुलिस की कथित लापरवाही के आरोपों की भी हो रही पड़ताल
भुवनेश्वर। जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाईं की मौत से जुड़े बालियंता भीड़ हिंसा मामले की जांच को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने और तेज कर दिया है। बुधवार को आयोग की दो सदस्यीय टीम ने मामले की शिकायत दर्ज कराने वाली महिला तथा 108 एम्बुलेंस सेवा के चालक सुज्ञान मल्लिक के बयान दर्ज किए।
सुज्ञान मल्लिक ने एनएचआरसी टीम को बताया कि उनकी एम्बुलेंस टीम को सुबह 11:06 बजे बालियंता के रामचंद्रपुर क्षेत्र में एक दुर्घटना की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद टीम 11:34 बजे घटनास्थल पर पहुंची। वहां पहुंचकर जब उन्होंने कॉल करने वाले व्यक्ति से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि घायल को पहले ही एक निजी वाहन से ले जाया जा चुका है। इसके बाद एम्बुलेंस टीम वापस अड़सपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लौट गई।
एनएचआरसी की ओर से जारी नोटिस मिलने के बाद शिकायतकर्ता महिला और एम्बुलेंस चालक दोनों आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और अपने बयान दर्ज कराए।
आयोग की जांच टीम 1 जून को भुवनेश्वर पहुंची थी और वह 6 जून तक ओडिशा में रहकर मामले की विस्तृत जांच करेगी।
एनएचआरसी की टीम भीड़ द्वारा किए गए हमले की परिस्थितियों, हिंसा के घटनाक्रम तथा सौम्य रंजन स्वाईं की मौत से पहले और बाद में पुलिस की कथित लापरवाही से जुड़े आरोपों की भी जांच कर रही है। आयोग मामले के सभी पहलुओं का परीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करेगा।
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