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मालकानगिरि में कालबैसाखी का कहर

  •   कई घरों की छतें उड़ीं, पेड़ उखड़े, पूरा शहर अंधेरे में डूब

  •  तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र प्रभावित, सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त

  •  प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन

मालकानगिरि। जिले में गुरुवार दोपहर आए भीषण कालबैसाखी तूफान ने भारी तबाही मचा दी। कुछ ही मिनटों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तूफान की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई घरों की टीन और एस्बेस्टस की छतें उड़ गईं, कच्चे मकान ढह गए और बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों तथा घरों पर गिर पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय अचानक दक्षिण दिशा से काले बादल छा गए, जिसके बाद तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। तूफान इतना तेज था कि कई स्थानों पर छतें कागज की तरह उड़ती दिखाई दीं।
मालकानगिरि सदर ब्लॉक के तांदकी, टिटिबेरी, अकरपाली, चालनगुड़ा सहित आसपास के कई गांव और मालकानगिरि शहर इस तूफान से सबसे अधिक प्रभावित हुए। सैकड़ों घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई परिवारों के घर पूरी तरह छतविहीन हो गए हैं, जिससे लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। कई स्थानों पर पेड़ घरों की छतों पर गिरने से मकान मलबे में तब्दील हो गए।
तूफान का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। तेज हवाओं के कारण कई बिजली खंभे टूट गए और बिजली के तार जगह-जगह लटक गए, जिससे मालकानगिरि शहर और प्रभावित गांवों में अंधेरा छा गया। कई मुख्य सड़कें पेड़ और मलबा गिरने के कारण अवरुद्ध हो गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
घटना के तुरंत बाद अग्निशमन विभाग की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। कर्मचारियों ने सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाकर रास्ते साफ किए और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद की।
स्थानीय निवासी, जिनमें बड़ी संख्या में किसान और दैनिक मजदूर शामिल हैं, अब खुले आसमान के नीचे अपने बचाए गए सामान के साथ रहने को मजबूर हैं। अचानक आए इस तूफान ने सामान्य दिनचर्या को कुछ ही मिनटों में अफरा-तफरी में बदल दिया।
जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन कर रही हैं। राहत और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन कृषि प्रधान इस क्षेत्र में आर्थिक नुकसान काफी बड़ा माना जा रहा है।
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