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जनजातीय भाषाओं के संरक्षण को मिला राष्ट्रीय सम्मान
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में किया सम्मानित
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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दी बधाई
भुवनेश्वर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में पद्म पुरस्कार 2026 के पहले चरण के सम्मान प्रदान किए। इस अवसर पर कला, शिक्षा, खेल, चिकित्सा और लोकसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 66 विशिष्ट व्यक्तियों को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से नवाजा गया। इस समारोह में ओडिशा के प्रख्यात शिक्षाविद, भाषाविद और लोकसाहित्य विशेषज्ञ डॉ महेंद्र कुमार मिश्र को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित रहे।
जनजातीय भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण में चार दशक का योगदान
नुआपड़ा से संबंध रखने वाले डॉ महेंद्र कुमार मिश्र पिछले चार दशकों से विलुप्त होती जनजातीय भाषाओं और लोकसंस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आदिवासी भाषाओं को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
उनके प्रयासों से न केवल जनजातीय समुदायों को अपनी भाषा और संस्कृति के संरक्षण में मदद मिली, बल्कि युवाओं और विभिन्न संगठनों को भी स्वदेशी विरासत को बचाने के लिए प्रेरणा मिली है। शिक्षा और लोकसाहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाता रहा है।
ओडिशा के लिए गौरव का क्षण
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने डॉ मिश्र को पद्मश्री मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे ओडिशा के लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि डॉ. मिश्र ने साहित्य, शिक्षा और जनजातीय भाषाओं व संस्कृति के संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य किया है।
वहीं ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपाटी ने भी डॉ मिश्र को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी कर कहा कि जनजातीय शिक्षा, लोक साहित्य और स्वदेशी संस्कृति के संरक्षण में डॉ. मिश्र का योगदान प्रेरणादायक है।
पद्म विभूषण से सम्मानित हुए धर्मेंद्र और डॉ एन राजम
इस वर्ष दो हस्तियों को पद्म विभूषण सम्मान प्रदान किया गया। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल को भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया। वहीं प्रसिद्ध वायलिन वादक डॉ एन राजम को कला क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए यह सम्मान मिला।
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