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छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता
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केएमएस 2025-26 के लिए नई गाइडलाइन जारी
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फर्जीवाड़ा रोकने और असली किसानों को लाभ पहुंचाने पर सरकार का जोर
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2025-26 के लिए धान खरीद प्रक्रिया को और पारदर्शी तथा किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से नई सख्त संचालन गाइडलाइन को अंतिम रूप दे दिया है। राज्य स्तरीय अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक में छोटे और सीमांत किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री केवी सिंहदेव ने की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धान खरीद से जुड़ा हर निर्णय छोटे और सीमांत किसानों के हित को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।
आईरिस बायोमेट्रिक अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत राज्य में धान खरीद में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध प्रवेश को रोकने के लिए कई कड़े कदम उठाए गए हैं। सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने और दूसरे राज्यों से अवैध धान की एंट्री रोकने के निर्देश दिए हैं। मंडियों में प्रवेश के दौरान किसानों की आईरिस बायोमेट्रिक जांच अनिवार्य होगी। इसके अलावा धान की तौल केवल निर्धारित खरीद केंद्रों के भीतर ही की जाएगी।
शिकायतों का 24 घंटे में समाधान
धान खरीद प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए शिकायत निवारण प्रणाली को भी मजबूत किया गया है। खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग के पोर्टल पर दर्ज हर शिकायत का समाधान 24 घंटे के भीतर करना अनिवार्य होगा। इसके लिए विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही टोल फ्री शिकायत केंद्र 1967 को सीधे राज्य मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है।
हर दिन होगी निगरानी
जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे रोजाना फील्ड निरीक्षकों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक करें, ताकि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे धान खरीद केंद्र
राज्य सरकार ने सभी धान खरीद केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक केंद्र पर किसानों के लिए विश्राम शेड, शौचालय, पेयजल, पर्याप्त रोशनी और तिरपाल की व्यवस्था की जाएगी।
साथ ही 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जाएगी और सभी जिलों में वाहन ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक में राजस्व, सहकारिता, पुलिस, परिवहन और कृषि विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कानूनी माप विज्ञान विभाग को सभी परीक्षण उपकरणों का समय से पहले कैलिब्रेशन करने को कहा गया है।
वहीं भारतीय खाद्य निगम को अधिक उत्पादन वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त गोदाम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
धान खरीद और किसानों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि
सरकार के अनुसार केएमएस 2025-26 में अब तक रिकॉर्ड 18,84,628 किसानों ने 77,48,083 मीट्रिक टन धान की बिक्री की है। यह पिछले सत्र की तुलना में खरीद मात्रा में 5.48 प्रतिशत और भाग लेने वाले किसानों की संख्या में 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र, सहकारिता मंत्री प्रदीप बलसामंत, पंचायती राज मंत्री रवि नारायण नायक तथा विभागीय प्रधान सचिव संजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
किसानों को सम्मानजनक और पारदर्शी व्यवस्था देने का लक्ष्य
राज्य सरकार का कहना है कि इन नए और सख्त प्रावधानों का उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य, सम्मानजनक व्यवहार और परेशानी मुक्त धान खरीद व्यवस्था उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाने पर सरकार का मुख्य फोकस रहेगा, क्योंकि यही किसान राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।
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