-
ओडिशा में ग्रामीण परिवर्तन को बड़ा प्रोत्साहन
-
दो महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ
भुवनेश्वर। विकसित ओडिशा 2036 के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रवि नारायण नायक ने आज राज्य के सभी जिलों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मॉडल विलेज मिशन तथा महापुरुष आदर्श ग्राम योजना का औपचारिक शुभारंभ किया।
मॉडल विलेज मिशन की परिकल्पना ओडिशा के गांवों को बुनियादी सुविधाओं एवं सामुदायिक अवसंरचना से पूर्ण रूप से सुसज्जित करने के लिए की गई है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाना तथा आत्मनिर्भर एवं स्वशासित समृद्धि केंद्रों में विकसित करना है।
मिशन के प्रथम चरण में राज्य की 6,733 ग्राम पंचायतों के मुख्यालय गांवों को वर्ष 2029 तक सभी आवश्यक सुविधाओं से संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए गांव स्तर पर आधारभूत संरचना और आवश्यक सुविधाओं की कमी का आकलन करने हेतु बेसलाइन सर्वेक्षण कराया जाएगा।
इस उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्कूल एवं जनशिक्षा, महिला एवं बाल विकास, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास, ऊर्जा सहित विभिन्न विभागों के सहयोग से तैयार एक व्यापक सर्वेक्षण प्रारूप का भी मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विमोचन किया।
बेसलाइन सर्वेक्षण प्रक्रिया के शुभारंभ के साथ ही मॉडल विलेज मिशन का राज्यव्यापी क्रियान्वयन औपचारिक रूप से शुरू हो गया। मंत्री ने ग्रामीण ओडिशा के समग्र परिवर्तन के लिए निर्धारित मार्गदर्शक सिद्धांतों पर बल देते हुए सभी जिलों से इस पहल को समन्वित एवं समयबद्ध तरीके से लागू करने का आह्वान किया।
योजना की प्रभावी निगरानी एवं विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज एवं पेयजल विभाग के आयुक्त-सह-सचिव गिरिश एसएन की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर संबंधित जिलाधीशों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स भी गठित की गई हैं।
इस अवसर पर मंत्री ने महापुरुष आदर्श ग्राम योजना का भी शुभारंभ किया। यह एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य ओडिशा के सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं राजनीतिक इतिहास में असाधारण योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों के मूल ग्राम पंचायतों का समग्र विकास करना है।
यह योजना 2026-27 से 2028-29 तक तीन वर्षों की अवधि में लागू की जाएगी और इसके अंतर्गत राज्य की लगभग 100 से 150 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में 12 जिलों की 15 ग्राम पंचायतों, जो 16 विशिष्ट व्यक्तित्वों से संबंधित हैं, में इसका क्रियान्वयन किया जाएगा।
योजना के तहत सड़कों, पाइप जलापूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं, आंगनवाड़ी केंद्रों, खेल मैदानों, डिजिटल कनेक्टिविटी, सौर ऊर्जा अवसंरचना, स्मृति उद्यानों तथा पैतृक आवासों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार जैसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
योजना का क्रियान्वयन केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से किया जाएगा। राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर गठित समितियां नियमित निगरानी, समन्वय और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करेंगी।
मंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल ओडिशा के महान व्यक्तित्वों की विरासत को संरक्षित और सम्मानित करेगी, बल्कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी एवं सतत विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
