भुवनेश्वर: पश्चिम एशिया की वर्तमान परिस्थितियों के कारण देश में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री द्वारा किए गए आह्वान के बाद ओडिशा सरकार ने भी सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पहले ही अपने काफिले में वाहनों की संख्या आधी कर दी थी तथा आम लोगों से भी ईंधन की बचत करने की अपील की थी।
इसी क्रम में गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि राज्य के सभी सरकारी विभागों में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके लिए उन्होंने 8 सूत्रीय निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री की 8 प्रमुख निर्देशावली
- वर्चुअल मोड में बैठकें:
सरकारी स्तर की बैठकों, समीक्षा, प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं को आवश्यकता न होने पर वर्चुअल मोड में आयोजित किया जाएगा। जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति जरूरी होगी, केवल वे ही बैठक में शामिल होंगे, जबकि अन्य ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे।
- सरकारी कार्यालयों में केवलEVवाहन खरीद अनिवार्य:
1 जून 2026 से सरकारी कार्यालयों द्वारा खरीदे जाने वाले सभी नए दोपहिया और चारपहिया वाहन इलेक्ट्रिक वाहन (EV) होना अनिवार्य होगा। विशेष परिस्थितियों में पेट्रोल या डीजल वाहन खरीदने की अनुमति दी जाएगी। इसी प्रकार किराये पर लिए जाने वाले सरकारी चारपहिया वाहन भी EV होना आवश्यक होगा।
- वरिष्ठ अधिकारियों के लिए कारपूलिंग व्यवस्था:
व्यक्तिगत सरकारी उपयोग हेतु वाहन प्राप्त वरिष्ठ अधिकारी आपस में कारपूलिंग करेंगे और आने-जाने के लिए एक ही वाहन का उपयोग करेंगे। सरकारी वाहन उपयोग के लिए निर्धारित राशि भी उसी अनुपात में आधी की जाएगी।
- सरकारी वाहन उपयोग हेतु नई गाइडलाइन:
किन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत उपयोग के लिए सरकारी वाहन रख सकेंगे, इस संबंध में वित्त विभाग 15 दिनों के भीतर नई मार्गदर्शिका जारी करेगा।
- लंबी दूरी की यात्रा में बस और रेल को प्राथमिकता:
दूरस्थ क्षेत्रों के दौरे पर जाने वाले अधिकारी और कर्मचारी बस या रेल यात्रा को प्राथमिकता देंगे।
- निजीEVके सरकारी उपयोग पर नीति:
जिन अधिकारियों के पास निजी इलेक्ट्रिक वाहन हैं, वे सरकारी कार्यों में उनका उपयोग किस प्रकार कर सकेंगे, इस संबंध में वित्त विभाग विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगा।
- कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा:
जहां बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी रहते हैं, वहां से कार्यालय आने-जाने के लिए इलेक्ट्रिक बस या मिनी बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
- ईंधन खपत में न्यूनतम 10 प्रतिशत कमी का लक्ष्य:
सभी सरकारी कार्यालयों को सरकारी वाहनों के संचालन में पेट्रोल और डीजल की मासिक खपत कम से कम 10 प्रतिशत घटाने के लिए योजनाबद्ध कदम उठाने होंगे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इन सभी निर्देशों का पालन राज्य सचिवालय से लेकर उपखंड, तहसील और ब्लॉक स्तर तक सभी सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों और समितियों में सख्ती से किया जाए।
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