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ई-मोबिलिटी और सुरक्षा पर जोर
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इलेक्ट्रिक बसों में महिला चालक, एडीएएस सुरक्षा प्रणाली और राजस्व बढ़ाने की योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा
भुवनेश्वर। ओडिशा में शहरी परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में व्यापक पहल की जा रही है। राज्य के आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र की अध्यक्षता में बुधवार को व्यापक क्षेत्रीय शहरी परिवहन (सीआरयूटी) की विभिन्न परियोजनाओं और आगामी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में शहरी परिवहन विस्तार, बुनियादी ढांचा विकास, सड़क सुरक्षा और संस्थागत मजबूती से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने सीआरयूटी के प्रथम चरण विस्तार योजना के तहत केंदुझर, बारिपदा, अनुगूल, झारसुगुड़ा और बालेश्वर में चल रही परियोजनाओं की जानकारी ली। साथ ही द्वितीय चरण में जाजपुर, रायगड़ा, कोरापुट, भद्रक और बलांगीर में विस्तार की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि केंदुझर में शुरू की गई इलेक्ट्रिक बस सेवा को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1300 यात्री इसका उपयोग कर रहे हैं।
पीएम ई-बस सेवा योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को लंबित आधारभूत संरचना और बिजली कनेक्टिविटी से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि नए डिपो और ई-मोबिलिटी ढांचे को समय पर शुरू किया जा सके।
गैर-किराया आय बढ़ाने पर जोर
बैठक में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए गैर-किराया आय के स्रोत बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बसों, बस स्टॉप शेल्टर, पोल और डिपो से जुड़े व्यावसायिक ढांचे पर विज्ञापन और अन्य व्यावसायिक उपयोग के जरिए आय बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बताया कि व्यवस्थित व्यावसायीकरण उपायों के कारण वर्ष 2025 में सीआरयूटी की गैर-किराया आय बढ़कर 22.05 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने निर्देश दिया कि भविष्य में बनने वाले सभी डिपो और परिवहन ढांचे को व्यावसायिक उपयोग के मॉडल के साथ विकसित किया जाए।
सड़क सुरक्षा और एडीएएस प्रणाली पर फोकस
बैठक में सड़क सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दे के रूप में लिया गया। मंत्री ने सीआरयूटी द्वारा लागू सुरक्षा उपायों की सराहना करते हुए मौजूदा बसों में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) और ड्राइवर फटीग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (डीएफएमएस) को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि नई खरीदी जा रही सभी इलेक्ट्रिक बसों में एडीएएस आधारित सुरक्षा प्रणाली लगाई जा रही है ताकि यात्रियों और चालकों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
इलेक्ट्रिक बस संचालन में महिला चालकों की सराहना
मंत्री ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सीआरयूटी की पहल की सराहना की। विशेष रूप से केंदुझर में इलेक्ट्रिक बस संचालन में महिला चालकों की नियुक्ति को महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदम बताया गया। नियमित शहर सेवा में महिला भारी वाहन चालकों की तैनाती को महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल माना गया।
श्रीश्री विश्वविद्यालय के साथ प्रशिक्षण पहल
बैठक में श्रीश्री विश्वविद्यालय के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (एमओयू) की भी सराहना की गई। इसके तहत सीआरयूटी के चालक दल के लिए साइकोमेट्रिक मूल्यांकन और संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसे पेशेवर क्षमता विकास, व्यवहारिक प्रशिक्षण और सुरक्षित परिवहन संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
सीआरयूटी के प्रबंध निदेशक सिद्दीक आलम ने बैठक में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए राज्यभर में चल रही परिचालन, बुनियादी ढांचा और संस्थागत पहलों की जानकारी दी।
बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, ई-मोबिलिटी व्यवस्था को तेजी से लागू करने, सड़क सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और नागरिक केंद्रित टिकाऊ शहरी परिवहन सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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