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पंचायत स्तर पर लगेंगे कैंप कोर्ट
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‘हमारे गांव में हमारी तहसील’ योजना से लोगों को घर-द्वार पर मिलेगी राजस्व सेवाएं
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भूमि संबंधी समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
भुवनेश्वर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने राज्य में जनहित और विकेंद्रीकृत प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘आम गांवरे आम तहसील’ (हमारे गांव में हमारी तहसील) कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इस नई पहल के तहत अब पंचायत और गांव स्तर पर तहसील कैंप कोर्ट लगाए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को राजस्व सेवाओं के लिए दूरस्थ तहसील कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
लोक सेवा भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मंत्री ने कहा कि सरकार की वास्तविक सफलता वही है, जिसे आम लोग उपयोगी और सफल मानें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब प्रशासन को गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
नई व्यवस्था के तहत वरिष्ठ राजस्व अधिकारी पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर मौके पर ही रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (आरओआर) में सुधार, भूमि सीमांकन, शिकायत निवारण तथा अन्य जरूरी राजस्व संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने विभिन्न जिलों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है। ये अधिकारी गांवों में रात्रि प्रवास कर जनता से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगे।
बैठक में शहरी क्षेत्रों में कृषि भूमि के किस्म परिवर्तन के नियमों को सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही विस्थापित लोगों के लिए नए पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन ढांचे की तैयारी की योजना पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा राइट टू पब्लिक सर्विसेज (ओआरटीपीएस) अधिनियम के तहत पिछले दो वर्षों में 2.5 करोड़ से अधिक राजस्व सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। नई पहल के माध्यम से इन सेवाओं को और अधिक सुगम तथा प्रभावी बनाया जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी, ओएसडीएमए के कार्यकारी निदेशक डॉ कमल लोचन मिश्र सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
‘आम गांवरे आमा तहसील’ कार्यक्रम के जरिए राज्य सरकार अब फाइल आधारित प्रशासन से आगे बढ़कर नागरिक केंद्रित शासन मॉडल को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।
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