-
ईंधन खत्म होने से बीच झील में रुकीं करीब 40 नावें
भुवनेश्वर। डीजल की गंभीर कमी के कारण चिलिका झील में मछली पकड़ने गए 100 से अधिक मछुआरे फंस गए हैं। ईंधन खत्म होने से कई नावें बीच झील में ही रुक गईं, जिसके बाद मछुआरों को झील के भीतर छोटे-छोटे द्वीपों पर शरण लेनी पड़ी।
रिपोर्ट के अनुसार, कनासा क्षेत्र की करीब 40 नावें अब भी झील के बीच फंसी हुई हैं और वापस किनारे तक नहीं पहुंच सकी हैं।
मछली पकड़ने के दौरान खत्म हुआ ईंधन
जानकारी के मुताबिक, मछली पकड़ने के दौरान नावों का डीजल खत्म हो गया। इसके बाद मछुआरे नावों को छोटे द्वीपों के पास रोककर अस्थायी रूप से वहां ठहरने को मजबूर हुए। लंबे समय तक संपर्क न होने से परिजनों में चिंता बढ़ गई है।
दया नदी मुहाने के पास भी फंसी हैं कई नावें
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि कनासा के जगुलाइपाड़ा से करीब आठ किलोमीटर दूर दया नदी के मुहाने के पास भी कई नावें फंसी हुई हैं। डीजल संकट के कारण मछली पकड़ने की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और चिलिका पर निर्भर समुदायों में दहशत का माहौल है।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
मछुआरों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा सके और आगे ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
