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सस्मित पात्र ने सीईसी को लिखा पत्र
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ओडिशा में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की मांग
भुवनेश्वर। बीजद नेता सस्मित पात्र ने ओडिशा में होने वाली विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चिंता जताते हुए भारत निर्वाचन आयोग से इसे पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित तरीके से कराने की मांग की है।
बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर कहा कि ओडिशा में मतदाता सूची पुनरीक्षण के प्रारंभिक सत्यापन चरण में कई अनियमितताएं सामने आई हैं।
ओडिशा में एसआईआर चरण-3 की प्रक्रिया 30 मई से शुरू होने जा रही है। यह देशव्यापी मतदाता सूची सत्यापन अभियान का हिस्सा है, जो 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चलाया जाएगा।
संभावित मतदाता हटाने को लेकर जताई चिंता
सस्मित पात्र ने दावा किया कि प्री-एसआईआर सत्यापन के दौरान लगभग 9.8 लाख मतदाताओं को संभावित रूप से सूची से हटाने के लिए चिह्नित किया गया है। उन्होंने कहा कि फील्ड सत्यापन में असंगतियां, अत्यधिक संख्या में नाम हटाने के प्रस्ताव और नागरिकों की ओर से दर्ज बड़ी संख्या में आपत्तियां गंभीर चिंता का विषय हैं।
उन्होंने कहा कि बाद में ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा पुनः सत्यापन और सुधारात्मक समीक्षा के निर्देश जारी किए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि औपचारिक एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सटीक मतदाता सूची जरूरी
बीजद सांसद ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सटीक मतदाता सूची जरूरी है, लेकिन प्रक्रियागत त्रुटियों, दस्तावेज संबंधी समस्याओं या सत्यापन में कमी के कारण किसी पात्र मतदाता का नाम हटना नहीं चाहिए।
उन्होंने पत्र में लिखा कि इतने बड़े स्तर के अभियान में छोटी चूक भी बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं को प्रभावित कर सकती है और इससे जनता में अनावश्यक चिंता पैदा हो सकती है।
निर्वाचन आयोग से की कई मांगें
सस्मित पात्र ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सत्यापन प्रक्रिया के दौरान कई सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है। इनमें शामिल हैं:
- किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले उचित और दस्तावेज आधारित फील्ड सत्यापन।
- प्रभावित मतदाताओं को पूर्व सूचना देना।
- जिन क्षेत्रों में अधिक नाम हटाने की शिकायतें हैं वहां कड़ी निगरानी।
- समयबद्ध और नागरिक-अनुकूल शिकायत निवारण व्यवस्था।
- निर्वाचन क्षेत्रवार संशोधन और हटाए गए नामों का नियमित सार्वजनिक खुलासा।
- दूरदराज और कमजोर वर्गों के लिए विशेष जागरूकता अभियान।
- राजनीतिक दलों और बूथ लेवल एजेंटों के साथ बेहतर समन्वय।
- महत्वपूर्ण चरणों में विशेष पर्यवेक्षक टीमों की तैनाती।
राज्यभर में चलेगा व्यापक सत्यापन अभियान
ओडिशा में मतदाता सत्यापन अभियान के तहत लगभग 38,123 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाता विवरण का सत्यापन करेंगे। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त करीब 27,723 बूथ लेवल एजेंट भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
आगामी चुनावों से पहले यह व्यापक पुनरीक्षण अभियान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बनाए रखना सभी पक्षों की प्राथमिकता होगी।
सस्मित पात्र ने उम्मीद जताई कि निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि ओडिशा में एसआईआर प्रक्रिया मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था की निष्पक्षता और समावेशिता को मजबूत बनाए रखे।
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