-
संगठित अपराध पर पूरी ताकत से कार्रवाई के निर्देश
-
चौबीसों घंटे गश्त और इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करने पर जोर
-
अपराधियों के लिए डर और जनता के लिए भरोसा बने पुलिस: मुख्यमंत्री
-
कहा-अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कार्रवाई के निर्देश देते हुए पुलिस प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता की मित्र और अपराधियों के लिए भय का कारण बननी चाहिए।
गुरुवार देर शाम आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, डीजीपी, मुख्य सचिव और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करने का समय नहीं है, बल्कि पुलिस को सक्रिय और अग्रिम रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने अपराध मानचित्रण, खुफिया सूचना संग्रह और चौबीसों घंटे कड़ी गश्त को अनिवार्य बताते हुए कहा कि राज्य के हर इलाके में पुलिस की मौजूदगी महसूस होनी चाहिए।
जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश
जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे नियमित रूप से अपने जिलों की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करें और इसकी रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा मुख्य सचिव को भेजें। साथ ही मुख्य सचिव को भी राज्य की स्थिति से मुख्यमंत्री को नियमित रूप से अवगत कराने को कहा गया।
नक्सल विरोधी अभियान जैसी रणनीति अपनाने के निर्देश
मोहन चरण माझी ने नक्सलवाद के खिलाफ ओडिशा की सफल कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि उसी मॉडल को अब रेत माफिया और अन्य संगठित अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि जैसे नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण पाया गया, वैसे ही रेत माफिया और अन्य आपराधिक गिरोहों का पूरी तरह सफाया किया जाना चाहिए।
लोगों के साथ मित्रवत संबंध बनाने को कहा
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से आम लोगों के साथ मित्रवत संबंध बनाने को कहा ताकि महत्वपूर्ण सूचनाएं आसानी से मिल सकें और अपराध होने से पहले ही कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि लगातार गश्त से अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास पैदा होना चाहिए।
प्रशासन और पुलिस को टीम भावना से काम करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला स्तर के अधिकारियों को एकजुट होकर काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस उसी तरह कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करें जैसे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किया जाता है। उन्होंने कानून-व्यवस्था की नियमित जिला स्तरीय समीक्षा करने और उसकी रिपोर्ट मुख्य सचिव तथा गृह विभाग को तत्काल भेजने के निर्देश भी दिए।
नक्सल विरोधी अभियानों में सफलता के लिए पुलिस की सराहना की
मुख्यमंत्री ने नई भारतीय न्याय संहिता के तहत बेहतर दोषसिद्धि दर और नक्सल विरोधी अभियानों में सफलता के लिए पुलिस की सराहना की। साथ ही उन्होंने 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप आधुनिक और नवोन्मेषी रणनीतियां अपनाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य सचिव अनु गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) हेमंत शर्मा और डीजीपी वाईबी खुरानिया ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर जानकारी दी और मुख्यमंत्री के निर्देशों को तत्काल लागू करने का भरोसा दिलाया। बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रकाश मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
