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डॉ मुकेश महालिंग ने खुद एंबुलेंस बुलाकर घायल को पहुंचाया अस्पताल
बलांगीर। डॉ मुकेश महालिंग ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति की जान बचाने के लिए तत्परता दिखाई। शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे बलांगीर जिले के गुर्जीभाटा चौक के पास यह घटना हुई।
भुवनेश्वर लौटते समय मंत्री का काफिला जब गुर्जीभाटा चौक से गुजर रहा था, तभी उन्होंने सड़क किनारे एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा देखा। स्थिति देखते ही डॉ महालिंग ने तुरंत अपना वाहन रुकवाया और खुद मौके पर उतरकर हालात का जायजा लिया।
मंत्री ने बिना देर किए स्थानीय प्रशासन और एंबुलेंस सेवा से संपर्क कर घायल को तत्काल अस्पताल भेजने की व्यवस्था की। वह तब तक घटनास्थल पर मौजूद रहे जब तक घायल को सुरक्षित एंबुलेंस में बैठाकर नजदीकी अस्पताल नहीं पहुंचा दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने मंत्री की इस तत्परता और मानवीय व्यवहार को “भगवान का रूप” बताया।
डॉ महालिंग ने केवल निर्देश देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि एंबुलेंस बुलाने से लेकर घायल के सुरक्षित अस्पताल पहुंचने तक हर व्यवस्था की व्यक्तिगत निगरानी की। उनकी इस पहल को जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
बाद में मंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति की मदद करना हर नागरिक की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को बिना किसी डर के आगे आकर घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए, क्योंकि किसी की जान बचाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है।
उन्होंने भगवान जगन्नाथ से घायल व्यक्ति के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की और लोगों से सड़क पर सतर्क एवं जिम्मेदार रहने की अपील की।
ऐसे समय में जब सड़क हादसों के दौरान कई लोग मदद करने से हिचकिचाते हैं, डॉ मुकेश महालिंग की त्वरित और मानवीय पहल ने संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश की है। बताया जा रहा है कि घायल व्यक्ति का इलाज जारी है और राज्यभर के लोग उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
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