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दोस्त और पिता ने उठाए गंभीर सवाल
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पुलिस कार्रवाई, भीड़ की भूमिका और कथित हमले को लेकर नए दावे सामने आए
भुवनेश्वर। बालियंता जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाईं मौत मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को पुलिस ने बेणुपुर गांव के दो और लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इससे पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर झारपड़ा जेल भेजा गया था, जबकि बाद में छह अन्य की गिरफ्तारी हुई।
इस बीच, मृतक कांस्टेबल के दोस्त ओम प्रकाश और पिता ने घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। ओम प्रकाश ने दो युवतियों द्वारा लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार किया, हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि सौम्य ने एक युवती पर हमला किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया।
सौम्य के असामान्य व्यवहार से बाइक हुई असंतुलित – दोस्त
ओम प्रकाश ने बताया कि घटना के समय वह और सौम्य बाइक से जा रहे थे। उनके अनुसार, रास्ते में सौम्य अचानक असामान्य व्यवहार करने लगे और पीछे से उनका चेहरा व गर्दन पकड़ लिया, जिससे बाइक असंतुलित होकर गिर गई। उसी दौरान आगे स्कूटी से जा रही दो युवतियां भी सड़क पर गिर पड़ीं।
अचानक आक्रामक हुआ और एक युवती पर किया हमला
उन्होंने दावा किया कि गिरने के बाद सौम्य अचानक आक्रामक हो गए और एक युवती पर हमला कर दिया। जब उन्होंने रोकने की कोशिश की तो सौम्य ने उन पर भी हमला कर आंख पर मुक्का मार दिया। इसके बाद राहगीरों ने हस्तक्षेप किया और सौम्य की पिटाई शुरू हो गई।
ओम प्रकाश के अनुसार, सौम्य वहां से भागकर पास के खेत में चले गए, जहां 19 से 20 लोग जमा हो गए। उन्होंने कहा कि बाद में भीड़ ने सौम्य के हाथ-पैर बांध दिए और जब वह खेत पहुंचे तो उन्हें भी पीटा गया।
पहली पीसीआर टीम चाहती तो रोक सकती थी हमला
उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंची पहली पीसीआर टीम चाहती तो हमला रोक सकती थी, लेकिन पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक एसआई के कहने पर सौम्य को अस्पताल ले जाने के लिए उनके बंधे हाथ-पैरों में बांस डालकर उठाया गया।
युवतियों को चूमने के आरोप झूठे
युवतियों को चूमने की कोशिश के आरोपों पर ओम प्रकाश ने कहा कि यह पूरी तरह झूठा आरोप है। उनके मुताबिक सौम्य ने युवती पर हमला जरूर किया था, लेकिन ऐसी कोई हरकत नहीं की थी।
वहीं, सौम्य रंजन स्वाईं के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को 40 से 50 लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला, लेकिन अब तक बहुत कम लोगों की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने कथित दुष्कर्म प्रयास के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए दोनों युवतियों की भी जांच और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की।
आर्थिक तनाव को लेकर वह था परेशान
उन्होंने कहा कि उनके बेटे को कभी मिर्गी या फिट्स की समस्या नहीं थी, हालांकि नौकरी और आर्थिक तनाव को लेकर वह परेशान रहते थे। उन्होंने घटना को बर्बर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सौम्य के पिता ने सरकार से परिवार के भरण-पोषण के लिए सहायता देने की अपील भी की। उनका कहना है कि सौम्य ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और अब परिवार गंभीर संकट में है।
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