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कोरापुट के लिए 25 बड़े विकास कदम घोषित
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मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक
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सड़क संपर्क और “कोरापुट स्पार्क्स एक्स” योजना पर जोर
भुवनेश्वर। ओडिशा के विकास एजेंडा को नई गति देते हुए मुख्य सचिव अनु गर्ग ने खारवेल भवन में उच्चस्तरीय सचिव स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्यभर में सड़क संपर्क मजबूत करने और कोरापुट जिले के लिए 25 सूत्रीय विकास खाका प्रमुख आकर्षण रहा।
इस बैठक में विकास आयुक्त सह अतिरिक्त मुख्य सचिव देवरंजन कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, आयुक्त और सचिव शामिल हुए। साथ ही 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षु अधिकारियों ने भी प्रशासनिक अनुभव प्राप्त करने के लिए भाग लिया। कोरापुट के जिलाधिकारी मनोज सत्यवान महाजन ने वर्चुअल माध्यम से जिले की प्रमुख योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति दी।
उपलब्धियों की सराहना
बैठक की शुरुआत में मुख्य सचिव ने मार्च माह की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कौशल विकास विभाग के उत्कृष्ट प्रदर्शन, श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की सटीक गणना प्रक्रिया, “आमे जानिबा आम बजट” अभियान और आई-गोट कर्मयोगी भारत में बढ़ती भागीदारी की प्रशंसा की। इसके साथ ही “ओड़िया पक्ष” के सफल आयोजन को भी सराहा गया।
जल्द शुरू होगा ‘उपलब्धि पोर्टल’
बैठक में “उपलब्धि पोर्टल” की झलक भी प्रस्तुत की गई, जिसके माध्यम से सभी विभाग अपनी मासिक प्रगति और उपलब्धियां अपलोड करेंगे। इससे विभागों और मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी।
सड़क परियोजनाओं से बदलेगी तस्वीर
वित्त विभाग के प्रधान सचिव संजीव मिश्र ने केंद्र सहायता के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। वहीं कार्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार सिंह ने 25 प्रमुख परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया, जिनका उद्देश्य राज्य की सड़क संपर्क व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। इससे जिलों के बीच संपर्क बढ़ेगा और पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
कोरापुट के लिए ‘स्पार्क्स एक्स’ योजना
बैठक का मुख्य आकर्षण “कोरापुट स्पार्क्स एक्स” प्रस्तुति रही, जिसमें जिले के लिए 25 परिवर्तनकारी कदमों की रूपरेखा रखी गई। इसमें आजीविका बढ़ाने, कृषि व पशुपालन, मसाला उत्पादन, मत्स्य पालन, पुष्प हब, हस्तकरघा उद्योग, हवाई अड्डा उन्नयन, पेयजल परियोजना, पर्यटन विकास और औद्योगिक विस्तार जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
साथ ही कोरापुट के प्रसिद्ध परब उत्सव को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया, ताकि जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई पहचान मिल सके। बैठक के अंत में वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इन समन्वित प्रयासों से न केवल आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि कोरापुट जैसे आकांक्षी जिलों में समावेशी और सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
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