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करदाताओं की संख्या में गिरावट, लाखों लोगों को मिली राहत
भुवनेश्वर। ओडिशा में आयकर व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी के बाद राज्य में करीब 1.7 लाख लोग आयकर दायरे से बाहर हो गए हैं, जिससे उन्हें सीधी आर्थिक राहत मिली है। यह जानकारी आयकर विभाग के अधिकारियों ने साझा की है।
वित्त वर्ष 2024-25 में जहां ओडिशा में लगभग 16.5 लाख आयकरदाता थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर करीब 14.8 लाख रह गई है। यानी एक साल के भीतर ही बड़ी संख्या में लोग टैक्स के दायरे से बाहर निकल गए हैं, जिसका मुख्य कारण आयकर स्लैब में किया गया बदलाव माना जा रहा है।
निम्न और मध्यम आय वर्ग को राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स स्लैब बढ़ने से सबसे ज्यादा फायदा निम्न और मध्यम आय वर्ग को हुआ है। जिन लोगों की आय पहले टैक्स के दायरे में आ जाती थी, अब वे इससे बाहर हो गए हैं, जिससे उनकी मासिक आय में बचत बढ़ेगी और खर्च करने की क्षमता में सुधार होगा।
उपभोग और बाजार पर सकारात्मक असर
आर्थिक जानकारों के अनुसार, आयकर से बाहर होने वाले लोगों के हाथ में अधिक पैसा बचेगा, जिससे बाजार में मांग बढ़ेगी। इसका सकारात्मक प्रभाव स्थानीय व्यापार, सेवा क्षेत्र और समग्र अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
आयकर विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका
आयकर विभाग भी इस बदलाव के बाद लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि लोग नए नियमों को समझ सकें और सही तरीके से कर अनुपालन कर सकें। विभाग का मानना है कि इससे कर प्रणाली अधिक पारदर्शी और जनहितकारी बनेगी। यह बदलाव न केवल करदाताओं के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी नई गति लाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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