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पिपिलि में एक और मयूरभंज में दो की मौत
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पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा
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दिन में झुलसा देने वाली गर्मी
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शाम को तूफानी हवाओं का तांडव
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पुरी, पिपिलि, केंदुझर और तटीय इलाकों में तेज आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त
भुवनेश्वर। ओडिशा इन दिनों भीषण गर्मी और अचानक आने वाली कालबैसाखी आंधी के दोहरे प्रकोप से जूझ रहा है। कालबैसाखी के कारण तीन लोगों की मौत हुई है। राज्य में एक ओर पश्चिमी जिलों में तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचकर लोगों को झुलसा रहा है, वहीं दूसरी ओर तटीय और दक्षिणी जिलों में शाम होते ही तेज़ हवाओं, धूलभरी आंधी, गरज-चमक और बारिश का कहर जारी है। मौसम के इस असामान्य बदलाव ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पुरी, पिपिलि और केंदुझर शहर में कालबैसाखी का प्रभाव देखने को मिला है। केंदुझर शहर में तेज हवाओं के कारण पेड़ सड़क पर गिर पड़े।
नारियल पेड़ गिरने से एक की मौत
शुक्रवार देर रात पुरी और आसपास के इलाकों में अचानक आई तेज कालबैसाखी आंधी ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। पुरी जिले के पिपिलि थाना क्षेत्र में तैसीपुर पंचायत के अलीस गांव में एक नारियल का पेड़ तेज झोंकों में टूटकर गिर गया, जिससे जलुआ बेहरा नामक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।
मंदिर के पास पाला कार्यक्रम के दौरान हासदा
घटना उस समय हुई जब गांव के मंदिर के पास पाला कार्यक्रम चल रहा था। आंधी के तेज झोंके आते ही भारी शोर के साथ पेड़ टूटकर बेहरा पर गिर गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि हवा का वेग इतना तीव्र था कि पेड़ सीधे जड़ से उखड़ गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
पुरी शहर में धूल भरी आंधी से अफरातफरी
इधर, पुरी शहर में आंधी के चलते श्री जगन्नाथ मंदिर के सामने बड़दांड इलाके में ट्रैफिक बैरिकेड्स और होर्डिंग सड़क पर गिर पड़े। धूल भरी आंधी से दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। लोगों को उड़ती धूल और टूटते-बिखरते सामान से बचने में काफी परेशानी उठानी पड़ी।
मयूरभंज में दो की जान गई
शुक्रवार रात मयूरभंज के बारिपदा शहर में रात करीब 10.30 बजे खराब मौसम के दौरान पेड़ गिरने से दो लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। कुलियाना रोड पर असंजोडा के पास, तूफ़ान के दौरान एक पेड़ गिरने से मोटरसाइकिल पर सवार एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई। इसी तरह से उदला-बारिपदा सड़क पर खुंटा के पास नेशनल हाईवे 18 पर एक गिरे हुए पेड़ से बाइक टकराने के बाद एक और व्यक्ति की जान चली गई। मृतकों की पहचान स्थानीय निवासी बामदास हंसदा और नागेन मुर्मू के रूप में हुई है। घायल हुए तीन अन्य लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
टिटिलागढ़ में 39.5 डिग्री सेल्सियस
राज्य के पश्चिमी जिलों में गर्मी ने इस वर्ष का सबसे खतरनाक रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को टिटिलागढ़ में तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि संबलपुर, झारसुगुड़ा, हीराकुद, भवानीपाटना और सोनपुर में भी पारा 39 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 और 29 मार्च को तापमान बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लू जैसी स्थिति और खराब हो सकती है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय बाजारों में आवाजाही बेहद कम हो गई है।
चार जिलों में ऑरेंज, 23 जिलों में येलो अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि ओडिशा के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण आने वाले दिनों में भी तूफानी गतिविधि जारी रहेगी।
अगले 24 घंटे के दौरान कटक, जगतसिंहपुर, सुंदरगढ़ में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश की संभावना है।
29-31 मार्च को बारिश की तीव्रता घटेगी, लेकिन मयूरभंज और केंदुझर में तूफानी घटनाएं जारी रहेंगी। इसलिए मयूरभंज, केंदुझर, सुंदरगढ़ और बालेश्वर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां 50–60 किमी/घंटा की हवा, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका है। इसके अलावा 23 जिलों के लिए येलो अलर्ट है, जहां गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ कालबैसाखी की स्थिति लगातार बन सकती है।
31 मार्च से फिर बढ़ेगी आंधी-बारिश की गतिविधि
आईएमडी का कहना है कि 31 मार्च से पुरी, खुर्दा, गंजाम, कोरापुट और रायगड़ा में शाम को तेज आंधी-बारिश की गतिविधियां फिर तेज होंगी। हालांकि 1 अप्रैल के बाद अधिकतम तापमान थोड़ा कम होकर 37-38 डिग्री सेल्सियस पर लौट आएगा, लेकिन वातावरण की अस्थिरता के कारण कालबैसाखी का खतरा बना रहेगा।
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