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मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
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एससीबी अग्निकांड के बाद बढ़ी चिंता
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कई विभागों में अब भी अधूरी सुरक्षा व्यवस्था
भुवनेश्वर। कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राज्यभर में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच भुवनेश्वर स्थित कैपिटल अस्पताल अब तक फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट हासिल नहीं कर पाया है, जिससे मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, फायर सर्विस विभाग द्वारा हर महीने अस्पताल का निरीक्षण किया जा रहा है और कमियों की जानकारी बार-बार दी जा रही है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन द्वारा पुरानी इमारत का हवाला देकर सुधार कार्य में देरी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2023 में फायर सेफ्टी सिस्टम को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन प्रगति काफी धीमी रही। निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार वर्क्स डिपार्टमेंट पर भी देरी के आरोप लग रहे हैं। इसके चलते अस्पताल के कई विभाग अब भी पूर्ण रूप से अग्नि सुरक्षा व्यवस्था से नहीं जुड़ पाए हैं।
हालांकि आईसीयू, कॉरिडोर और अन्य विभागों में अग्निशामक यंत्र लगाए गए हैं, लेकिन इमरजेंसी एग्जिट, जल भंडारण प्रणाली और फायर अलार्म जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं या तो पूरी तरह कार्यरत नहीं हैं या उनका सही रखरखाव नहीं हो रहा है। इन्हीं कमियों के कारण फायर सर्विस विभाग ने अब तक अस्पताल के किसी भी भवन या विभाग को एनओसी जारी नहीं की है।
स्थिति यह है कि 24 घंटे संचालित इमरजेंसी वार्ड और ट्रायेज क्षेत्र में भी पर्याप्त अग्नि सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं और कुछ स्थानों पर ही सीमित अग्निशामक यंत्र लगाए गए हैं।
फायर विभाग के सहायक अधिकारी मनोरंजन राउत ने बताया कि निरीक्षण टीम हर महीने दौरा कर आवश्यक सुधार के सुझाव देती है और स्टाफ को जागरूक करने के लिए मॉक ड्रिल भी कराई जाती है। वहीं, अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ धनंजय दास ने कहा कि फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया जा चुका है और जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इमरजेंसी वार्ड में जल्द ही बेहतर सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की जाएगी।
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