-
न्यायिक जांच के आदेश
-
60 दिनों में रिपोर्ट देगी एकल सदस्यीय आयोग
भुवनेश्वर/कटक। ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिल कॉलेज व अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। मंगलवार शाम दो और मरीजों की मौत के बाद यह आंकड़ा बढ़ा। मृतकों में भद्रक की 11 वर्षीय कल्याणी मल्लिक और कोरापुट के 20 वर्षीय पवित्र तिसारी शामिल हैं।
सोमवार तड़के अस्पताल के ट्रॉमा केयर आईसीयू की पहली मंजिल पर आग लग गई थी। उस समय आईसीयू में 23 मरीज भर्ती थे, जिनमें कई गंभीर हालत में थे। आग लगते ही हालात तेजी से बिगड़ गए। सूचना मिलते ही दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 10 मरीजों की जान जा चुकी थी।
घटना में जान गंवाने वालों में रमेश परिडा, दशरू मुंडा, एमडी न्यूम, गौरांग बारिक, एसके अब्दुल सत्तार, मधुसूदन दलई, कृष्णचंद्र बिस्वाल, रवींद्र दास, चेरू परिडा और मेनका राउत शामिल हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा सरकार ने एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश लक्ष्मीधर बिस्वाल को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जिसे 60 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
सरकार ने इस हादसे को “गंभीर जनहित का मामला” बताते हुए आयोग को आग लगने के कारण, जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका, अस्पताल की तैयारियों और सुरक्षा उपायों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सिफारिशें देने को कहा गया है।
प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जो सोमवार तड़के 2 से 3 बजे के बीच हुआ। हादसे के बाद अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारी को लेकर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
