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मरीजों को बचाने की कोशिश कर रहे 11 अस्पताल कर्मी भी झुलसे
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आग देर रात ढाई बजे से तीन बजे के बीच लगी, शॉर्ट सर्किट वजह
कटक। ओडिशा सरकार द्वारा कटक में संचालित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आईसीयू में रविवार देर रात भीषण आग लगने से कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गयी। घटना के बाद अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के दौरान अस्पताल के करीब 11 कर्मचारी झुलस गए। उन्होंने बताया कि आग शायद शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। कम से कम पांच घायलों की हालत गंभीर बतायी जा रही है।
मृतकों की पहचान रमेश चंद्र परिडा, दशरु मुंडा, एमडी नायुम, गौरांग चंद्र बारिक, एसके अब्दुल सत्तार, मधुसूदन दलई, कृष्णचंद्र बिस्वाल, रवींद्र दास, चेरू परिडा और मेनका राउत के रूप में हुई है।
एक अधिकारी ने बताया कि आग देर रात ढाई बजे से तीन बजे के बीच लगी और दमकलकर्मी तुरंत अस्पताल पहुंचे व आग बुझाने के लिए अभियान शुरू किया। माझी ने बताया कि ट्रॉमा केयर गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) और उससे सटे आईसीयू व वार्ड में 23 मरीज भर्ती थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आग लगने से सात मरीजों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोगों की मौत दम घुटने से हुई। अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग के आईसीयू में आग लगी, जहां गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
दमकल सेवा के अधिकारियों ने अस्पताल के कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों व मरीजों के तीमारदारों के साथ मिलकर आईसीयू में भर्ती मरीजों को बाहर निकाला और उन्हें एससीबी अस्पताल के अन्य विभागों में स्थानांतरित किया।
सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ने किया दौरा
माझी ने स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के साथ अस्पताल का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने संबंधित अधिकारियों को घायल मरीजों और कर्मचारियों के उचित उपचार के निर्देश दिए हैं। कि माझी ने बताया कि 11 चिकित्सा अधिकारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव अभियान में हिस्सा लिया और उनका अस्पताल के एक वार्ड में इलाज हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इस उद्देश्य के लिए 2025-26 के वार्षिक बजट में 320 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जबकि आगामी वर्ष (2026-27) के बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पीएम ने माझी से बात की, आपदा कोष से राहत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आग लगने की घटना में मरीजों की मौत पर शोक व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’ प्रधानमंत्री ने माझी से फोन पर बात की और हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री माझी ने भी प्रत्येक मृतक के परिजन को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति ने शोक जताया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अस्पताल में लगी आग की घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पहली प्राथमिकता घायल मरीजों को बेहतर उपचार
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव स्वास्थ्य एस ने अस्पताल में पत्रकारों को बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता घायल मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं प्रदान करना है। हमने अपने चिकित्सकों को इसी के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
हादसे की न्यायिक जांच के आदेश
सीएम मोहन चरण माझी ने इस मामले में न्यायिक जांच की भी घोषणा की और अग्निशमन सेवा के महानिदेशक को मामले की जांच करने तथा तुरंत उन्हें रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि न्यायिक जांच के बाद रिपोर्ट में अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शी: दो बार बिजली गुल हुई और फिर आग लग गई
एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बिजली दो बार गुल हुई और फिर आग लग गई और पूरे आईसीयू में घना धुआं भर गया। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मैंने दमकल कर्मियों को फोन किया और वे लगभग 20 मिनट बाद पहुंचे। इस बीच, मरीजों के परिजनों और तीमारदारों ने चिकित्सा कर्मचारियों के साथ मिलकर मरीजों को बचाने में मदद की। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसने मरीजों और अस्पताल के कर्मचारियों तक किसी भी तरह की सहायता पहुंचने से पहले एक खिड़की का शीशा तोड़ दिया और आग बुझाने के लिए पानी का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि अस्पताल की एक नर्स के कहने पर मैंने कुछ विद्युत उपकरणों को बंद कर दिया और आईसीयू से सात मरीजों को बाहर निकाला, जिनकी हालत बहुत गंभीर थी।
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