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ओडिशा में भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल और सुजीत कुमार विजयी
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भाजपा समर्थित दिलीप राय ने चौथी सीट पर डॉ दत्तेश्वर होता को हराया
भुवनेश्वर। भुवनेश्वर में सोमवार को हुए ओडिशा राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए चार में से दो सीटें जीत लीं। वहीं बीजू जनता दल (बीजद) को एक सीट मिली, जबकि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार ने चौथी सीट पर जीत दर्ज की।
भाजपा के ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और वर्तमान राज्यसभा सदस्य सुजीत कुमार पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए।
चौथी सीट के लिए हुए कड़े मुकाबले में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय ने बीजद के साझा उम्मीदवार डॉ दत्तेश्वर होता को पराजित कर दिया।
वहीं बीजद के उम्मीदवार संतृप्त मिश्र ने राज्य की तीसरी सीट पर जीत हासिल की।
विधानसभा के सभी सदस्यों ने किया मतदान
राज्यसभा चुनाव के लिए ओडिशा विधानसभा के सभी 147 विधायकों ने मतदान किया। यह चुनाव राज्य की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बीजद के 24 वर्षों के शासन को समाप्त कर सत्ता हासिल की थी।
पहली वरीयता में किसको कितना मिला वोट
– मनमोहन सामल (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष) : 35 वोट
– सुजीत कुमार (भाजपा के मौजूदा राज्यसभा सदस्य) : 35 वोट
– संतृप्त मिश्र (बीजद उम्मीदवार) : 31 वोट
– दिलीप राय (भाजपा समर्थित निर्दलीय, पूर्व केंद्रीय मंत्री) : 23 वोट
– डॉ दत्तेश्वर होता (जाने-माने यूरोलॉजिस्ट, बीजद समर्थित साझा उम्मीदवार जिन्हें कांग्रेस और सीपीआई(एम) का समर्थन प्राप्त है): 23 वोट
क्रॉस-वोटिंग के इन पर लगे आरोप
कांग्रेस के तीन विधायक रमेश जेना, दशरथी गमांग और सोफिया फिरदौस
बीजद के आठ विधायक देवी रंजन त्रिपाठी, सौविक बिस्वाल, सुभासिनी जेना, चक्रमणि कन्हार, रमाकांत भोई, नव किशोर मल्लिक, अरविंद महापात्र और सनातन महाकुड़।
12 वर्ष के अंतराल के बाद चुनाव
प्रदेश में राज्यसभा चुनाव 12 वर्ष के अंतराल के बाद हुआ है। इस बार चार सीटों के लिए कुल पांच उम्मीदवार मैदान में थे। राज्यसभा के चार सदस्यों का कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त हो रहा है।
भाजपा और उसके सहयोगी ‘खरीद फरोख्त’ में शामिल – नवीन
बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने कहा कि मैं पहले ही कह चुका हूं कि भाजपा और उसके सहयोगी ‘खरीद फरोख्त’ में शामिल होंगे। जिन विपक्षी सदस्यों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया है, उनके खिलाफ आपराधिक मामले हैं और वे जेल भी जा चुके हैं। इस चुनाव में भाजपा के दो उम्मीदवार हैं जिनमें पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और वर्तमान राज्यसभा सदस्य सुजीत कुमार शामिल हैं। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है।
30 प्रथम वरीयता वोट की आवश्यकता
ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के गणित के अनुसार, किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए 30 प्रथम वरीयता वोट की आवश्यकता होती है। भाजपा के पास कुल 82 सदस्यों का समर्थन होने के कारण अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के बाद उसके पास 22 अतिरिक्त वोट बचे थे। इसी तरह बीजद अपने एक उम्मीदवार को जिताने के बाद उसके पास 18 अतिरिक्त वोट बचे।
दिलीप राय ने भाजपा नेतृत्व का जताया आभार
ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के बाद वरिष्ठ नेता दिलीप राय ने भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी का पूरा समर्थन मिला।
दिलीप राय ने कहा कि बीजद और कांग्रेस के सभी विधायकों के साथ मेरे संबंध अच्छे हैं। इसके अलावा भाजपा ने मुझे पूरा समर्थन दिया। इसके लिए मैं भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन नबीन, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और भाजपा के सभी नेताओं का आभार व्यक्त करता हूं।
उन्होंने विशेष रूप से मनमोहन सामल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी तरह सहयोग दिया। साथ ही राय ने कहा कि वह भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बीजद और कांग्रेस के उन नेताओं का भी धन्यवाद करते हैं जो उन्हें स्नेह और समर्थन देते रहे हैं।
ओडिशा सीएम मोहन चरण माझी ने राज्यसभा विजेताओं को दी बधाई
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों और समर्थित प्रत्याशी की जीत पर बधाई दी है।
सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल , वरिष्ठ नेता सुजीत कुमार तथा भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप राय को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि यह जीत राज्य सरकार के “समृद्ध ओडिशा” के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि संसद के उच्च सदन में उनकी उपस्थिति ओडिशा के हितों, विकास और जनसेवा की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगी।
माझी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी प्रेरणा के साथ यह नई यात्रा सफल और सार्थक होगी। उन्होंने महाप्रभु श्रीजगन्नाथ से सभी के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर प्रगति की कामना भी की।
राज्यसभा चुनाव में बीजद के 8 विधायकों पर क्रॉस-वोटिंग का आरोप: प्रताप देब
राज्यसभा चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजू जनता दल (बीजद) के नेता प्रताप देव ने कहा कि पार्टी के आठ विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है।
उन्होंने कहा कि जिन विधायकों पर क्रॉस-वोटिंग किया है उनमें चक्रधर कहँर, सुभाषिनी जेना, सौभिक विश्वाल, नव मल्लिक, रमाकांत भोई व देवीरंजन त्रिपाठी शामिल हैं।
इसके अलावा, पार्टी से निलंबित विधायक सनातन महाकुड़ और अरविरंद महापात्र ने भी भी क्रॉस-वोटिंग की है ।
दूसरी वरीयता के मतों से राज्यसभा पहुंचे दिलीप राय
ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए रोचक मुकाबले में वरिष्ठ नेता दिलीप राय
ने दूसरी वरीयता (सेकेंड प्रेफरेंस) के मतों के आधार पर जीत हासिल कर राज्यसभा का चुनाव जीत लिया। इस जीत के साथ वह संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित हो गए।
चुनाव में पहली वरीयता के मतों की गणना के बाद 23-23 वोट से डा होता के बराबरी पर थे।
इसके बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की गई। इसी प्रक्रिया में दिलीप राय को पर्याप्त समर्थन मिला और उन्होंने जीत दर्ज की।
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