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कार्यवाही शाम 4 बजे तक स्थगित
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बीजद की तीन मांगें, भाजपा ने विपक्ष पर साधा निशाना
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा में लगातार तीसरे दिन धान खरीदी और किसानों की समस्याओं को लेकर विपक्ष के हंगामे से कार्यवाही बाधित रही। बार-बार के शोर-शराबे के बीच सदन को पहले दोपहर 12:15 बजे से शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। इससे पहले भी प्रश्नकाल के दौरान व्यवधान के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के मध्य में पहुंच गए। कांग्रेस विधायकों ने काले बैज लगाकर विरोध दर्ज कराया। सदन में व्यवस्था बहाल करने के लिए अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई ने अंततः कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की।
बैठक में उपमुख्यमंत्री केवी सिंहदेव, संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग, विधि मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, कांग्रेस विधायक दल के नेता राम चंद्र कडम, विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बीजद विधायक ध्रुव चरण साहू ने कहा कि किसानों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
बीजद ने किसानों के मुद्दे पर तीन मांगें रखीं—
1. मुख्यमंत्री का सदन में बयान।
2. आपूर्ति मंत्री का इस्तीफा।
3. कृषि मंत्री द्वारा कथित टिप्पणी पर माफी।
कांग्रेस की मंशा सदन ठप करना नहीं
कांग्रेस नेता तारा प्रसाद वाहिनीपति ने स्पष्ट किया कि उनकी मंशा सदन ठप करना नहीं, बल्कि किसानों के मुद्दों पर सार्थक चर्चा कराना है। उन्होंने कहा कि स्थगन प्रस्ताव दिया गया, लेकिन सदन सामान्य रूप से नहीं चल पाया।
भाजपा का पलटवार
भाजपा विधायक टंकधर त्रिपाठी ने विपक्ष पर नाटक करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्यहित में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष प्रश्नकाल तक चलने नहीं दे रहा। उन्होंने दावा किया कि जनता विपक्ष की राजनीति को समझ चुकी है।
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