भुवनेश्वर। ओडिशा में वार्षिक मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन लगभग 12,000 छात्र अनुपस्थित रहे। स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि इतने अधिक छात्रों की अनुपस्थिति के कारणों का पता लगाने के लिए विभागीय समीक्षा शुरू कर दी गई है और यह आकलन किया जा रहा है कि अभ्यर्थी परीक्षा में क्यों शामिल नहीं हुए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं और विभाग की ओर से कोई त्रुटि नहीं हुई है। अधिकांश छात्र व्यक्तिगत कारणों से अनुपस्थित रहे।
गोंड ने आगे बताया कि स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति रोकने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें चाइल्ड ट्रैकिंग सर्वे, नामांकन अभियान तथा नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए “आस स्कूल जिबा” अभियान शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति की निरंतर समीक्षा करेगी और आने वाले दिनों में अधिक छात्रों की परीक्षा में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
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