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15 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के कुछ दिन बाद माओवादी पोस्टर बरामद
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सुरक्षा एजेंसियां हुईं सतर्क
रायगड़ा। ओडिशा के रायगड़ा शहर में शुक्रवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया जब शहरी सीमा से सटे डुमागुड़ा क्षेत्र में माओवादी पोस्टर फिर से देखे गए। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब कुछ ही दिन पहले 15 नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की थी, जिससे जिले में उग्रवादी गतिविधियों की निरंतरता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
केबीके डिवीजन ने ली जिम्मेदारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पोस्टर कथित रूप से केबीके डिवीजन के माओवादी स्टेट सेक्रेटरी मेघ जानी और दंबुरू मांझी के नाम से लगाए गए हैं। पोस्टरों में सब्यसाची पंडा, आजाद, उदय और निखिल का उल्लेख करते हुए दावा किया गया है कि वे आदिवासी नहीं थे।
इन बैनरों में औद्योगिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय प्रशासन को चेतावनी भरे संदेश भी दिए गए हैं, जिसे प्रशासन पर दबाव बनाने और क्षेत्र में प्रभाव दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
जांच शुरू, सुरक्षा बल अलर्ट पर
घटना की जानकारी मिलते ही सीआरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और पोस्टरों को हटाया, ताकि क्षेत्र में दहशत या अफवाह न फैले। रायगड़ा पहले भी माओवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है, ऐसे में इस घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, पोस्टरों के स्रोत या जांच की आधिकारिक पुष्टि को लेकर पुलिस की ओर से अब तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और संभावित उग्रवादी गतिविधियों की पुनरावृत्ति को लेकर सतर्क हैं।
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