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गणतंत्र दिवस पर मोहन माझी ने रखी सशक्त भविष्य की रूपरेखा

  •     विकसित ओडिशा 2036 का विजन पेश किया

  •     महिला सशक्तीकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य को बनाया विकास का आधार

भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को गणतंत्र दिवस पर राज्य को वर्ष 2036 तक देश के शीर्ष पांच विकसित राज्यों में शामिल करने का महत्वाकांक्षी विजन प्रस्तुत किया। इस रोडमैप में महिला सशक्तीकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं और तकनीक आधारित विकास को प्राथमिकता दी गई है।

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कटक के बारबाटी स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। अपने संबोधन में उन्होंने संविधान के मूल्यों को नमन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ओडिशा की विकास यात्रा को रेखांकित किया।

2036 तक विकसित ओडिशा का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के कार्यकाल के 19 महीने पूरे होने के साथ ही ओडिशा ने देश की तेज विकास दर का सक्रिय रूप से लाभ उठाया है। उन्होंने हर नागरिक, हर जिले और हर क्षेत्र तक विकास पहुंचाने के संकल्प को दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका बिस्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चलते हुए जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर काम कर रही है।

उन्होंने ओडिशा को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए नई और उभरती तकनीकों को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया तथा गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को चार प्रमुख प्राथमिक समूह बताया।

शिक्षा सुधार और आधारभूत ढांचे पर जोर

शिक्षा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत किए गए सुधारों का उल्लेख किया, जिसे ओडिशा में पूर्ण रूप से लागू किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य बजट का 14 प्रतिशत से अधिक हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है, जिसमें ढांचागत विकास और शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान है। उन्होंने बाणपुर में गोदावरीश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय की आधारशिला को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह विद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श बनेगा और ग्रामीण विद्यार्थियों को शहरी छात्रों के बराबर प्रतिस्पर्धा का अवसर देगा।

स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार

स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना को गोपबंधु जन आरोग्य योजना से जोड़ने के बाद लगभग साढ़े तीन करोड़ लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना की शुरुआत का भी उन्होंने उल्लेख किया।

शासन के केंद्र में महिला सशक्तीकरण

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में महिला सशक्तीकरण को विशेष महत्व दिया। उन्होंने संस्कृत श्लोक यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः का उल्लेख करते हुए कहा कि ओडिशा का विकास महिलाओं की प्रगति के बिना संभव नहीं है।

उन्होंने बताया कि सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही सुभद्रा योजना को मंजूरी दी गई और महज आठ महीनों में एक करोड़ से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल चुका है। वर्तमान बजट में करीब 89,862 करोड़ रुपये, यानी कुल व्यय का लगभग 30 प्रतिशत, महिला केंद्रित योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है। लखपति दीदी योजना में भी ओडिशा ने राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभाई है।

महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर शून्य सहनशीलता की नीति दोहराते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि सजा दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साल 2022 में 9.2 प्रतिशत और 2023 में 6.9 प्रतिशत से बढ़कर 2025 की पहली छमाही में 41 प्रतिशत और जून में यह 62 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए केवल जेल ही जगह है। उन्हें किसी तरह का राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलेगा।

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