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मयूरभंज में 309.2 मिमी बारिश से स्थानीय इलाकों में जलभराव
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छह प्रखंडों में स्कूल बंद
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राज्य में सितंबर में भी जारी रह सकती है बारिश
भुवनेश्वर। ओडिशा में बाढ़ की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन उत्तर ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन राहत, बचाव, पुनर्वास और बहाली कार्यों के साथ संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रख रहे हैं। मयूरभंज में हुई अत्यधिक बारिश ने स्थानीय स्तर पर स्थिति को फिर चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
मयूरभंज में भारी बारिश, 2,763 लोग प्रभावित
मयूरभंज जिले में 18 प्रखंड, 48 ग्राम पंचायत और 84 गांव प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा बारिपदा नगरपालिका के दो वार्ड भी प्रभावित हैं। जिले में कुल 2,763 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 2,076 लोगों को निकालकर 11 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
जाजपुर जिले के दशरथपुर प्रखंड में भी बाढ़ का असर बना हुआ है। यहां 19 ग्राम पंचायतों के 62 गांव प्रभावित हैं और कुल 7,745 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से 22 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
राहत शिविरों में सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश, चिकित्सा सुविधा और भोजन की व्यवस्था की गई है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
उत्तर ओडिशा की नदियों में फिर बढ़ा पानी
दो दिनों की भारी बारिश के बाद उत्तर ओडिशा की ब्राह्मणी, बैतरणी, बूढ़ाबलंग और सुवर्णरेखा नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। हालांकि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बड़े पैमाने पर बाढ़ का तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मयूरभंज में बूढ़ाबलंग नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर बारिपदा में खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बारिपदा शहर के वार्ड 7 और 8 के कई निचले इलाकों में पानी घुस गया है। सड़कों और झुग्गी बस्तियों में जलभराव के कारण कई लोगों ने ऊंचे स्थानों का रुख किया है, जबकि प्रशासन ने कुछ लोगों को बाढ़ आश्रय स्थलों में पहुंचाया है।
बांगिरीपोसी, कुलियाना, बिसोई और जशीपुर के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश को बुधाबालंगा के बढ़ते जलस्तर का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
बांगिरीपोसी में 309.2 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे में मयूरभंज में कई स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। बांगिरीपोसी में 309.2 मिमी, सरस्काना में 297 मिमी, बिसोई में 197 मिमी, रायरंगपुर में 163 मिमी, बिजातला में 140 मिमी, बहलदा में 125 मिमी, जामदा में 113 मिमी, कुलियाना में 94 मिमी और बारीपदा में 83.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बारिपदा क्षेत्र के सात स्थानों पर 100 मिमी से अधिक बारिश हुई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
छह प्रखंडों में स्कूल बंद
भारी बारिश, जलभराव और नदियों-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मयूरभंज जिला प्रशासन ने सरस्काना, बांगिरीपोसी, बिसोई, कुलियाना, बड़साही और बेटनटी प्रखंडों के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है।
प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया है। अभिभावकों से बच्चों को घर पर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। बारिश कम होने और सड़कें आवागमन योग्य होने के बाद कक्षाएं फिर शुरू की जाएंगी।
बालेश्वर और भद्रक में भी बढ़ा बाढ़ का खतरा
बालेश्वर जिले में जलका नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। बस्ता प्रखंड के मथानी रोड पुल पर नदी खतरे के निशान 6.50 मीटर तक पहुंच गई है और इसके और बढ़ने की आशंका है। करीब 10 पंचायतों और सदर प्रखंड की दो पंचायतों में जलभराव का खतरा बना हुआ है। सुवर्णरेखा का बढ़ता जलस्तर भी बालेश्वर के निचले इलाकों के लिए चिंता बढ़ा रहा है।
भद्रक जिले के अखुआपाड़ा में बैतरणी नदी सुबह छह बजे 18.20 मीटर पर बह रही थी, जबकि खतरे का निशान 18.33 मीटर है। नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 17.83 मीटर से ऊपर है। इस मानसून में बैतरणी में यह सातवीं बाढ़ की लहर बताई जा रही है।
जाजपुर के दशरथपुर, बारी और बिंझारपुर तथा भद्रक के भंडारीपोखरी, धामनगर, चांदबली और तिहिड़ी के निचले इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
157 राहत-बचाव दल सक्रिय
प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। आज जाजपुर, बालेश्वर और मयूरभंज में ओड्राफ तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा के 22 दल तैनात किए गए हैं। प्रभावित जिलों में कुल 157 राहत-बचाव दल सक्रिय हैं।
विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के माध्यम से 24 घंटे स्थिति की निगरानी की जा रही है और जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
31 अगस्त तक 25 प्रतिशत अधिक बारिश
आईएमडी के अनुसार ओडिशा में इस मानसून सत्र में 31 अगस्त तक 1,154.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि जून से सितंबर के दौरान सामान्य बारिश 1,150.2 मिमी है। इस तरह राज्य में अब तक सामान्य से करीब 25 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है और सामान्य मौसमी बारिश का आंकड़ा सितंबर शुरू होने से पहले ही पूरा हो गया।
फिलहाल गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तर तटीय ओडिशा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास बना स्पष्ट निम्न दबाव सक्रिय है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
दो जिलों में लाल और छह में नारंगी चेतावनी
आईएमडी ने केंदुझर और सुंदरगढ़ में अत्यधिक भारी बारिश के लिए लाल चेतावनी जारी की है। वहीं बरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, देवगढ़, अंगुल और मयूरभंज के लिए बहुत भारी बारिश की नारंगी चेतावनी जारी की गई है। राज्य के शेष जिलों के लिए भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए पीली चेतावनी जारी की गई है।
सितंबर में भी उत्तर ओडिशा में अधिक बारिश की संभावना
आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र के अनुसार सितंबर में देश में सामान्य से कम बारिश रहने की संभावना है, लेकिन ओडिशा के उत्तरी हिस्से में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। इसके विपरीत दक्षिण ओडिशा में सामान्य से कम बारिश की संभावना है।
उन्होंने कहा कि सितंबर में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्र ओडिशा के मौसम को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में विशेष रूप से उत्तर ओडिशा के बाढ़ प्रभावित जिलों में नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों और खड़ी फसलों पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।
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