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राज्य सरकार कर रही है तीनों पर विचार
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टाटा पावर, अडाणी और एनटीपीसी के प्रस्तावों की व्यवहार्यता का हो रहा अध्ययन
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सुरक्षा से कोई समझौता नहीं : विशाल देव
भुवनेश्वर। ओडिशा में तीन परमाणु बिजली संयंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव सरकार को मिले हैं। इन प्रस्तावों में टाटा पावर, अडाणी समूह और एनटीपीसी के प्रस्ताव शामिल हैं। राज्य सरकार इन प्रस्तावों का विभिन्न पहलुओं से अध्ययन कर रही है और व्यवहार्यता रिपोर्ट के आधार पर ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा।
ओडिशा के ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव विशाल देव ने लोक भवन में आयोजित मीडिया संवाद के दौरान यह जानकारी दी। परमाणु बिजली संयंत्रों की सुरक्षा से जुड़े सवाल पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रस्तावों की व्यवहार्यता का अध्ययन किया जा रहा है। प्रस्तावों में कुछ ऐसे बिंदु हैं, जिन पर विचार किया जाना जरूरी है। सभी पहलुओं का अध्ययन पूरा होने के बाद ही सरकार इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय लेगी।
पवन और सौर ऊर्जा पर भी जोर
विशाल देव ने राज्य में चल रही पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ओडिशा में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है।
रूफटॉप पर पवन ऊर्जा संयंत्र लगाने की अनुमति दिए जाने संबंधी राज्यपाल डॉ हरि बाबू खंभमपाटी के सुझाव पर भी सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में तकनीकी और व्यवहार्यता का अध्ययन कराया जाएगा। यदि अध्ययन के परिणाम अनुकूल रहे तो राज्य में रूफटॉप पर पवन ऊर्जा संयंत्र लगाने की अनुमति देने की संभावना पर आगे बढ़ा जा सकता है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूफटॉप पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लोगों को सब्सिडी देने की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए पहले तकनीकी व्यवहार्यता और अन्य आवश्यक पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों के साथ-साथ सौर और पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
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