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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल बोले ने कहा
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लिखित शिकायत को पार्टी के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत देखा जाएगा
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सार्वजनिक बयान को व्यक्तिगत राय, लिखित शिकायत को संगठनात्मक मामला माना
भुवनेश्वर। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री और सुंदरगढ़ से छह बार के सांसद जुएल ओराम की ओर से भाजपा के कुछ नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर ओडिशा की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। ओडिशा भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा है कि पार्टी को ओराम के आरोपों की पूरी जानकारी है और उनकी ओर से दी गई लिखित शिकायत की संगठन स्तर पर जांच की जाएगी।
जुएल ओराम ने आरोप लगाया था कि दूसरी पार्टियों से भाजपा में शामिल हुए कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ बदनाम करने का अभियान चलाने के लिए धन खर्च किया। उनका दावा था कि इस अभियान का उद्देश्य उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर करवाकर दूसरों के लिए मंत्रिमंडल में जगह बनाने का रास्ता तैयार करना था। हालांकि, उन्होंने किसी नेता का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया।
ओराम ने बताया था कि उन्होंने प्रदेश भाजपा संगठन सचिव मानस मोहंती को पूरे मामले की जानकारी देने के साथ अपनी शिकायत लिखित रूप में भी सौंप दी है।
मीडिया से बातचीत में मनमोहन सामल ने जुएल ओराम के सार्वजनिक बयान और लिखित शिकायत को अलग-अलग तरीके से देखने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि कैमरे के सामने ओराम की ओर से दिए गए बयान उनकी व्यक्तिगत राय हैं। वहीं, लिखित शिकायत को पार्टी के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।
ओराम के सार्वजनिक आरोपों के बाद विपक्ष को भी भाजपा पर निशाना साधने का मौका मिला था। उन्होंने दावा किया था कि उनकी छवि खराब करने के लिए सुनियोजित प्रचार अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कुछ अन्य नेता केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह हासिल कर सकें। उन्होंने इसके पीछे शामिल लोगों के नाम सामने लाने की चेतावनी भी दी थी।
यह विवाद राउरकेला के एक सहयोगी की गिरफ्तारी से जुड़े सर्किट हाउस मामले के बाद सामने आया था। इस मामले में भाजपा पहले ही संबंधित कार्यकर्ता को निलंबित कर चुकी है।
वरिष्ठ नेता और नए चेहरों के बीच बढ़ा तनाव
जुएल ओराम भाजपा के ओडिशा में सबसे पुराने और प्रमुख आदिवासी नेताओं में शामिल हैं। दूसरी ओर, हाल के वर्षों में विभिन्न राजनीतिक दलों से भाजपा में शामिल हुए कई नए नेता भी राज्य की सत्ता और संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय मंत्री की ओर से पार्टी के ही कुछ सहयोगियों के खिलाफ लिखित शिकायत संगठन के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकती है।
मनमोहन सामल के बयान से संकेत मिलता है कि पार्टी एक ओर जुएल ओराम की शिकायत को नजरअंदाज नहीं करना चाहती, वहीं दूसरी ओर उनके सार्वजनिक बयानों को भाजपा की आधिकारिक स्थिति के रूप में स्वीकार करने से भी बच रही है।
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