भुवनेश्वर। ओडिशा विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए बौध जिले के पुरुनाकटक के पूर्व मृदा संरक्षण अधिकारी कार्तिकेश्वर साहू को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार दिलाया है। ओडिशा विजिलेंस के अनुसार, सेवानिवृत्त अधिकारी साहू के खिलाफ उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(ई) के तहत मामला दर्ज कर आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस, फुलबाणी ने 31 अगस्त 2026 को कार्तिकेश्वर साहू को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उन पर 50,000 का जुर्माना भी लगाया है।
विजिलेंस के अनुसार, मामला साहू द्वारा अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने से संबंधित था। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत मामले पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया।
दोषसिद्धि के बाद ओडिशा विजिलेंस अब कार्तिकेश्वर साहू की पेंशन रोकने के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कार्रवाई शुरू करेगी। विजिलेंस विभाग ने कहा कि दोषसिद्धि के बाद लागू नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
