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यूजीसी नेट 2026 के तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में गंभीर अनियमितता चिंताजनक: अभाविप
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पुनः परीक्षा में विद्यार्थियों के आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करे एनटीए
नई दिल्ली,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जून 2026 में आयोजित यूजीसी नेट परीक्षा के अंग्रेजी, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा पुनः आयोजित किए जाने पर गहन चिंता व्यक्त करती है। एनटीए द्वारा जारी सूचना के अनुसार इन तीनों प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपोग्राफिकल, अनुवाद एवं भाषा संबंधी गंभीर त्रुटियां पाई गई हैं। अभाविप ने पूर्व में यूजीसी सचिव को ज्ञापन सौंपकर प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी करने में हो रही देरी को लेकर इसे जल्द जारी करने की मांग की थी। उत्तर कुंजी जारी होने के बाद इन तीन विषयों में गंभीर अनियमितताओं का सामने आना परीक्षा की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। एनटीए को स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी त्रुटियां किन परिस्थितियों में हुईं और प्रश्नपत्र निर्माण एवं गुणवत्ता जांच के दौरान इन्हें समय रहते क्यों नहीं पकड़ा गया?
विद्यार्थियों को पहले परीक्षा, फिर परिणाम और अब पुनः परीक्षा की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनके समय, धन और शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस पूरे प्रकरण से विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के मन में असंतोष एवं अविश्वास की भावना उत्पन्न हुई है। एनटीए विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे और पूरे मामले की परिस्थितियों एवं जिम्मेदारी को स्पष्ट करे। केवल पुनः परीक्षा कराना पर्याप्त नहीं है अपितु प्रश्नपत्र निर्माण, विशेषज्ञ समीक्षा, अनुवाद, प्रूफरीडिंग एवं अंतिम गुणवत्ता परीक्षण की पूरी प्रक्रिया में संस्थागत बदलाव आवश्यक हैं। अभाविप देशभर में विद्यार्थियों, शिक्षाविदों एवं अन्य हितधारकों से परीक्षा सुधार के संबंध में सुझाव ले रही है। चंडीगढ़, दिल्ली एवं पटना में इस दिशा में बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं तथा प्राप्त सुझावों को परीक्षा सुधार हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। अभाविप विद्यार्थियों की समस्याओं के साथ दृढ़ता से खड़ी और इसकी निवारण तक संघर्षरत रहेगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि,”यूजीसी नेट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस प्रकार की गंभीर त्रुटियां सामने आना अत्यंत चिंताजनक है। एनटीए की लापरवाही का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों के समय, धन और उनके भविष्य पर पड़ रहा है। विद्यार्थियों के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए। एनटीए अपनी गलती के कारण पुनः परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों का उचित आवंटन सुनिश्चित करने के साथ उनके आवागमन हेतु समुचित व्यवस्था भी करे, ताकि विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक बोझ न पड़े। एनटीए को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रश्नपत्र निर्माण, विशेषज्ञ समीक्षा, अनुवाद और अंतिम गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया में ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति न हो और इसके लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए। अभाविप स्पष्ट रूप से चेतावनी देती है कि यदि विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया और परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार नहीं हुए तो अभाविप देशभर में विद्यार्थियों के साथ मिलकर इस विषय को मजबूती से उठाएगी। अभाविप विद्यार्थियों की मांगों को लेकर दृढ़ संकल्पित है और उनके समाधान तथा विश्वसनीय एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होने तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।”
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