भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के 10 वर्ष पूरे होने पर इसकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बदलने वाली एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि यूपीआई ने देश में डिजिटल लेनदेन को सरल, तेज और अधिक समावेशी बनाया है।
मुख्यमंत्री माझी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि एक दशक पहले भारत ने भुगतान व्यवस्था को आसान और सुविधाजनक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया था। आज यूपीआई करोड़ों भारतीयों के लिए सुविधा और सहज डिजिटल भुगतान का पर्याय बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को यूपीआई की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली ने लेनदेन को दैनिक जीवन का सहज हिस्सा बना दिया है। उन्होंने कहा कि यूपीआई के माध्यम से छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े कारोबारियों तक, गांवों से लेकर शहरों तक, लोगों के लिए डिजिटल भुगतान पहले से कहीं अधिक आसान हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीआई की शुरुआत भले ही एक डिजिटल भुगतान मंच के रूप में हुई थी, लेकिन समय के साथ यह ‘जन-शक्ति से संचालित डिजिटल क्रांति’ में बदल गया है। उन्होंने कहा कि यूपीआई ने देश के अलग-अलग वर्गों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसकी व्यापक स्वीकार्यता ने यह साबित किया है कि भारत ऐसी डिजिटल आधारभूत संरचना विकसित कर सकता है, जो आम नागरिकों के लिए सुलभ होने के साथ-साथ व्यापक स्तर पर परिवर्तनकारी भी हो।
माझी ने कहा कि यूपीआई के माध्यम से किया गया प्रत्येक डिजिटल लेनदेन ‘डिजिटल इंडिया’ की गति को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहा है। उन्होंने इसे अधिक जुड़ा हुआ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्हाेंने कहा कि यूपीआई के एक दशक का सफर भारत की तकनीकी क्षमता, नवाचार और समावेशी डिजिटल विकास की कहानी को दर्शाता है। उन्होंने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में यूपीआई की व्यापक पहुंच और प्रभाव को भारत की बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
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