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ओडिशा में शहरी विकास को मिलेगी नई गति

  •     मुख्यमंत्री ने नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव-2026 का किया उद्घाटन

  •     प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 26 ई-बस सेवाओं का शुभारंभ

  •     कुल 400 अतिरिक्त ई-बसें लाने की योजना

भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को भुवनेश्वर में नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 26 ई-बस सेवाओं का शुभारंभ किया। राज्य में इस योजना के अंतर्गत कुल 400 अतिरिक्त ई-बसें लाने की योजना है। वर्तमान में सात शहरों में ‘आम बस’ सेवा संचालित हो रही है, जबकि नई ई-बस सेवा का विस्तार नौ और शहरों तक किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2036 में ओडिशा के अलग राज्य के रूप में 100 वर्ष पूरे होने तक राज्य को 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना और समृद्ध ओडिशा का निर्माण करना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। इसी उद्देश्य से राज्य में आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे और संस्थानों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

ओडिशा की शहरीकरण दर 40 प्रतिशत करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में ओडिशा की शहरीकरण दर लगभग 17 प्रतिशत है, जिसे वर्ष 2036 तक बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन और ‘पूर्वोदय’ नीति से प्रेरणा लेकर ओडिशा देश के प्रमुख विकास इंजन के रूप में उभर रहा है।

शहरी आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक देश की शहरी आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में शहरों को समावेशी, तकनीक-सक्षम और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना आवश्यक है। इसके लिए राज्य में औद्योगीकरण, बंदरगाहों के विकास, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का उपयोग किया जा रहा है।

ओडिशा को अब तक 23 लाख करोड़ के निवेश मिले

मुख्यमंत्री के अनुसार, ओडिशा को अब तक 23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित 200 से अधिक औद्योगिक परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।

 मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार और नीति आयोग के मार्गदर्शन में भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र (बीकेपीपीईआर) विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही भुवनेश्वर और कटक का विस्तार कर नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है।

राज्य में शहरी प्रशासन हो रहा मजबूत

उन्होंने कहा कि राज्य में शहरी प्रशासन को मजबूत करने के लिए 28 नई अधिसूचित क्षेत्र परिषदों (एनएसी), सात नगरपालिकाओं और एक नगर निगम का गठन किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य तेजी से बढ़ती शहरी आबादी की जरूरतों को पूरा करना और शहरों में बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 1.53 लाख आवासे बने

मुख्यमंत्री ने शहरी कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत राज्य में 1.53 लाख आवासों का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अंतर्गत ‘पीएमएवाई अर्बन बंधु’ कार्यक्रम के लिए अगले पांच वर्षों में 1,615 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस कार्यक्रम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लाभार्थियों को स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में 90 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

बुनियादी ढांचे के विकास को 6,000 करोड़ का प्रावधान

उन्होंने बताया कि शहरी विकास योजनाओं के तहत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 6,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, 11 शहरों में चौबीसों घंटे ‘ड्रिंक फ्रॉम टैप’ पेयजल सुविधा और 1,600 करोड़ रुपये की ‘स्वच्छ ओडिशा योजना’ लागू की जा रही है।

सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए ‘गरिमा’ योजना के तहत स्वच्छ साथियों को आधुनिक मशीनें, सुरक्षा उपकरण, जीवन बीमा और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

शहरी परिवहन और पैदल यात्रियों के अधिकार पर विशेष जोर

कॉन्क्लेव में शहरी परिवहन और पैदल यात्रियों के अधिकार पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित फुटपाथ, सड़क पार करने की सुविधाएं और सार्वजनिक स्थानों की बेहतर योजना शहरी परिवहन व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग हैं।

सीआरयूटी ने 138 मार्गों पर सात शहरों को जोड़ा

उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में 200 बसों के साथ शुरू हुआ कैपिटल रीजन अर्बन ट्रांसपोर्ट (सीआरयूटी) नेटवर्क अब 770 बसों के साथ 138 मार्गों पर सात शहरों को जोड़ रहा है। इस सेवा से प्रतिदिन लगभग 3.5 लाख यात्री सफर करते हैं।

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत शुरू की गई 26 ई-बस सेवाओं के अतिरिक्त, योजना में 400 ई-बसों के साथ 100 मिडी और 50 मिनी ई-बसें शामिल करने की योजना है। नई बस सेवाओं का विस्तार नौ शहरों, बारीपदा, अनुगोल, झारसुगुड़ा, बालेश्वर, जाजपुर, रायगड़ा, जयपुर, भद्रक और बलांगीर, में किया जाएगा।

ओडिशा यात्री ऐप  से नौ लाख से अधिक बस यात्राएं दर्ज

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ओडिशा यात्री ऐप’ के माध्यम से डिजिटल टिकटिंग की सुविधा से नौ लाख से अधिक बस यात्राएं दर्ज की गई हैं। इस व्यवस्था से चालकों को बिना किसी कमीशन के किराये की पूरी राशि मिल रही है और वे अब तक 12 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर चुके हैं।

‘अंकुर हैंडबुक’ और ‘टाउन प्लानिंग हैंडबुक’ का विमोचन

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘अंकुर हैंडबुक’ और ‘टाउन प्लानिंग हैंडबुक’ का विमोचन किया। उन्होंने नई नगर विकास नीति का भी शुभारंभ किया। इन पहलों का उद्देश्य नियोजित शहरी विस्तार, बेहतर नगर नियोजन और नागरिक सुविधाओं के विकास को प्रोत्साहित करना है।

‘ड्रिंक फ्रॉम टैप’ परियोजना का विस्तार अब 11 शहरों तक

राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। पुरी से शुरू हुई ‘ड्रिंक फ्रॉम टैप’ परियोजना का विस्तार अब 11 शहरों तक हो चुका है। इसके अलावा, राज्य के 114 शहरी क्षेत्रों में घर-घर पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘जलसाथियों’ को शामिल किया गया है। पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच और निगरानी के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) का सहयोग भी लिया जा रहा है।

2047 तक भारत की लगभग 50 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में होगी

नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनुराग जैन ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत की लगभग 50 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रह सकती है और ये क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब 75 प्रतिशत योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास को गति देने के लिए शहरीकरण का सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध होना जरूरी है। अनियोजित शहरीकरण गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, जबकि सुनियोजित विकास से आर्थिक प्रगति और नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा मिलता है।

कॉन्क्लेव में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री तोखन साहू, ओडिशा के आवासन एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र, विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी सहित केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी, विशेषज्ञ तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य विभाग के सचिव सत्येंद्र पाल सिंह ने स्वागत भाषण दिया।

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