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निवेश आकर्षित करने मुंबई पहुंचे मुख्यमंत्री माझी
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मुंबई में मुख्यमंत्री माझी करेंगे 20 से अधिक कंपनियों से चर्चा
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‘इंडिया केम 2026’ में निवेश अवसरों को प्रस्तुत करेगा राज्य
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कोयला गैसीकरण और विशाल रासायनिक औद्योगिक पार्क पर विशेष जोर
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दो वर्षों में 56 कंपनियों से 1.93 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
भुवनेश्वर। ओडिशा को रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योगों के प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा मुंबई में आयोजित होने वाले ‘इंडिया केम 2026’ में राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश के अवसरों और नई परियोजनाओं की संभावनाओं को प्रस्तुत करेगा। 22 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस आयोजन के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य नए निवेश आकर्षित करना, विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री माझी अपने दो दिवसीय मुंबई दौरे के दौरान कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होंगे। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में औद्योगिक विकास और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र की 20 से अधिक प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगे।
खनन और धातु उद्योग से आगे बढ़ने की तैयारी
ओडिशा की औद्योगिक पहचान अब तक मुख्य रूप से खनन और धातु उद्योग पर आधारित रही है। प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता, स्थापित औद्योगिक आधारभूत संरचना और निवेश संबंधी नीतियों के सहारे राज्य अब रसायन, पेट्रोकेमिकल, प्लास्टिक और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में भी अपनी भागीदारी बढ़ाना चाहता है।
राज्य सरकार का जोर ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर है, जिनसे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो, स्थानीय स्तर पर उत्पादों का मूल्यवर्धन बढ़े और विनिर्माण क्षेत्र में नई आपूर्ति शृंखलाएं विकसित हों। इसके लिए उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर संभावित निवेश, मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार और नई विनिर्माण परियोजनाओं की स्थापना पर चर्चा की जाएगी।
इंडिया केम 2026 में ओडिशा के साथ राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु सहित अन्य राज्य भी भाग लेंगे। इस मंच पर ओडिशा अपनी औद्योगिक क्षमताओं और निवेश के लिए उपलब्ध सुविधाओं को निवेशकों के सामने रखेगा।
कोयला गैसीकरण और बड़े रासायनिक औद्योगिक पार्क की योजना
ओडिशा की निवेश प्रस्तुति में कोयला गैसीकरण परियोजना प्रमुख आकर्षण होगी। राज्य सरकार इस क्षेत्र में उपलब्ध औद्योगिक संभावनाओं को रेखांकित करते हुए निवेशकों का ध्यान आकर्षित करना चाहती है। कोयला गैसीकरण से जुड़े उद्योगों के विकास से रसायन और अन्य संबंधित विनिर्माण क्षेत्रों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
समर्पित रासायनिक औद्योगिक पार्क स्थापित करने की योजना
इसके साथ ही राज्य में बड़े पैमाने पर एक समर्पित रासायनिक औद्योगिक पार्क स्थापित करने की योजना भी सामने रखी जा सकती है। प्रस्तावित पार्क का उद्देश्य रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योगों को एकीकृत औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, सहायक इकाइयों को प्रोत्साहित करना और उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों को गति देना है।
सरकार की योजना इस क्षेत्र में ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करने की है, जहां बड़ी कंपनियों के साथ छोटे और मध्यम उद्यम भी अपनी इकाइयां स्थापित कर सकें। इससे प्लास्टिक, पैकेजिंग और अन्य संबंधित उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने तथा स्थानीय उद्योगों को बड़ी कंपनियों की आपूर्ति शृंखला से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
1.12 लाख रोजगार की संभावना
राज्य सरकार के अनुसार, पिछले दो वर्षों में रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र की 56 कंपनियों ने ओडिशा में निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। इन प्रस्तावों का कुल मूल्य 1,93,087.94 करोड़ रुपये है। इनके माध्यम से 1,12,324 लोगों के लिए रोजगार की संभावना जताई गई है।
27 परियोजनाओं का भूमिपूजन या उद्घाटन हुआ
इसी क्षेत्र में 27 परियोजनाओं का भूमिपूजन या उद्घाटन किया जा चुका है। इन परियोजनाओं से संबंधित निवेश 60,825.34 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि इनके माध्यम से 35,351 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
जाजपुर में नौ परियोजनाओं से 4,136 करोड़ रुपये का निवेश
राज्य सरकार ने जाजपुर में हाल में आयोजित भूमिपूजन और उद्घाटन समारोह को औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार के अनुसार, इस क्षेत्र की कुल 53 परियोजनाओं में से नौ परियोजनाओं का भूमिपूजन या उद्घाटन किया गया। इनमें पांच परियोजनाओं का उद्घाटन और चार परियोजनाओं का भूमिपूजन शामिल है।
इन नौ परियोजनाओं में कुल 4,136 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इनके माध्यम से 1,508 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
निवेशकों से सीधे संवाद पर सरकार का जोर
ओडिशा सरकार के उद्योग, गृह तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा ने कहा कि राज्य का औद्योगिक आधार मजबूत है और अब रसायन एवं पेट्रोकेमिकल जैसे उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इंडिया केम 2026 में भागीदारी से प्रमुख कंपनियों के साथ सीधे संवाद करने, राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों को प्रस्तुत करने और भविष्य के विकास के लिए साझेदारियां तलाशने का अवसर मिलेगा। औद्योगिक आधारभूत संरचना, प्रगतिशील नीतियों और संसाधनों की उपलब्धता के सहारे सरकार रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धी औद्योगिक वातावरण विकसित करना चाहती है।
हेमंत शर्मा के अनुसार, प्रस्तावित रासायनिक औद्योगिक पार्क और कोयला गैसीकरण पर केंद्रित प्रयास निवेश, मूल्यवर्धन और रोजगार सृजन के नए अवसर खोल सकते हैं।
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