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बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की स्थिति 25 तक होगी स्पष्ट
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आंध्र प्रदेश या ओडिशा के तट की ओर बढ़ सकता है मौसमी सिस्टम
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25 अक्टूबर के बाद बढ़ सकती है बारिश
भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे मौसमी सिस्टम पर ओडिशा के मौसम वैज्ञानिकों की नजर है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे पूर्व-मध्य क्षेत्र में 23 अक्टूबर के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है और इसकी तीव्रता में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, इसके चक्रवात में बदलने और संभावित तटवर्ती क्षेत्र को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। मौसम की स्थिति को लेकर 25 अक्टूबर तक अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
विदेशी मॉडल ने चक्रवात की संभावना जताई
मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के अनुसार, अमेरिकी जीएफएस और यूरोपीय ईसीएमडब्ल्यू मॉडल 24 से 28 अक्टूबर के बीच इस प्रणाली के और मजबूत होने तथा चक्रवात का रूप लेने की संभावना जता रहे हैं। हालांकि, अभी इसकी दिशा, तीव्रता और संभावित प्रभाव को लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकला है। आईएमडी ने फिलहाल ओडिशा के लिए चक्रवात का कोई आधिकारिक अलर्ट जारी नहीं किया है और तत्काल किसी बड़े खतरे की पुष्टि भी नहीं की है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) इस प्रणाली के विकास पर लगातार नजर रख रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 से 72 घंटे इसके आगे के स्वरूप और दिशा का आकलन करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।
अगले तीन दिन महत्वपूर्ण
पर्यावरण एवं जलवायु केंद्र के प्रमुख शरत चंद्र साहू सहित मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मौसमी प्रणाली की गतिविधियों से इसकी संभावित तीव्रता और दिशा का बेहतर अनुमान लगाया जा सकेगा।
प्रारंभिक पूर्वानुमानों के मुताबिक, निम्न दबाव का क्षेत्र पहले सुस्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र और उसके बाद अवदाब में बदल सकता है। इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना का आकलन भी आगे उपलब्ध होने वाले मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा।
कुछ मौसम पूर्वानुमान मॉडलों में इस प्रणाली के आंध्र प्रदेश या ओडिशा के तट की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इसकी वास्तविक दिशा, तीव्रता और संभावित प्रभाव को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
माह के अंतिम सप्ताह में बढ़ सकती है बारिश
मौसम विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस प्रणाली के प्रभाव से अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में ओडिशा के मौसम में बदलाव आ सकता है। खासकर दक्षिणी और तटीय जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि, बारिश की मात्रा और इसके विस्तार का निर्धारण मौसमी सिस्टम की दिशा तथा तीव्रता पर निर्भर करेगा।
इस दौरान कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। लेकिन बारिश कब शुरू होगी, कितनी व्यापक होगी और हवाओं की गति कितनी रहेगी, इसका स्पष्ट आकलन आगामी पूर्वानुमानों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
आईएमडी के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, 25 अक्टूबर के बाद राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम प्रणाली के आगे विकसित होने के साथ विभाग की ओर से नए अपडेट जारी किए जाने की उम्मीद है।
अक्टूबर में चक्रवात की रही हैं अनुकूल परिस्थितियां
बंगाल की खाड़ी में मानसून की वापसी के बाद अक्टूबर का महीना चक्रवात बनने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। अतीत में ओडिशा के महाचक्रवात, फैलिन और हुडहुड जैसे शक्तिशाली चक्रवातों ने पूर्वी तट पर गंभीर प्रभाव डाला है।
हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि केवल मौसम के मौसमी चक्र या पुराने चक्रवातों के अनुभव के आधार पर वर्तमान प्रणाली की तीव्रता और संभावित मार्ग का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए मौजूदा मौसम परिस्थितियों और नवीनतम वैज्ञानिक आंकड़ों का विश्लेषण जरूरी है।
लोगों को आधिकारिक पूर्वानुमानों पर नजर रखने की सलाह
फिलहाल बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम को लेकर चक्रवात की पुष्टि नहीं हुई है। आईएमडी इसकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है। मौसम की स्थिति स्पष्ट होने के बाद बारिश, तेज हवाओं और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और मौसम संबंधी जानकारी के लिए आईएमडी के आधिकारिक बुलेटिन तथा स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
26 और 27 अक्टूबर को तटीय जिलों में येलो अलर्ट
इस बीच, 26 और 27 अक्टूबर को ओडिशा के तटीय तथा आसपास के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
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