Home / Odisha / चक्रवात को लेकर पांच जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेज बंद

चक्रवात को लेकर पांच जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेज बंद

  •     चक्रवात से निपटने को मुख्यमंत्री का ‘जीरो कैजुअल्टी’ मिशन

  •     27 से 29 अक्टूबर तक विशेष सतर्कता के निर्देश

  •     बचाव के लिए 60 ओडीआरएएफ, 17 एनडीआरएफ और अग्निशमन सेवा की 225 टीमें तैयार

भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को लोक सेवा भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि चक्रवात से निपटने में सर्वोच्च प्राथमिकता ‘जीरो कैजुअल्टी’ यानी जनहानि को शून्य रखना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी तथा वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा ने चक्रवात दाना और मॉन्था जैसे गंभीर मौसमी संकटों से निपटने के अनुभव के आधार पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूर्व चेतावनी से लेकर सुरक्षित निकासी, राहत और आपात सेवाओं की बहाली तक हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मालकानगिरि जिलों को विशेष रूप से संवेदनशील मानते हुए वहां तैयारियों पर ध्यान देने को कहा। अन्य तटीय जिलों में भी तेज हवाओं और रुक-रुककर भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर सतर्कता बरती जा रही है।

सुरक्षा उपायों के तहत गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मालकानगिरि जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज तथा आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। अन्य जिलों में मौसम की स्थिति और स्थानीय जोखिम का आकलन कर जिला कलेक्टर शिक्षण संस्थानों को बंद करने का निर्णय ले सकेंगे।

बचाव के लिए 302 टीमें तैयार

आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की 60 टीमें, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 17 टीमें और अग्निशमन सेवा की 225 टीमें सतर्क रखी गई हैं। सड़कें अवरुद्ध होने की स्थिति में पेड़ हटाने और आवागमन बहाल करने के लिए संबंधित विभागों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

फसल कटाई का समय होने के कारण किसानों को तैयार फसल जल्द काटकर सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है, ताकि संभावित बारिश और तेज हवाओं से नुकसान कम किया जा सके। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है। बिजली, सड़क और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों को भी नुकसान होने की स्थिति में शीघ्र बहाली के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री माझी ने सभी विभागों को एकजुट होकर काम करने और जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया। सरकार का जोर है कि मौसम की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जाए, चेतावनियां समय पर लोगों तक पहुंचें और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को बिना देरी लागू किया जाए।

Share this news

About desk

Check Also

ओडिशा में चक्रवात की आशंका के बीच बड़ी तैयारी, पूरा सरकारी तंत्र अलर्ट मोड पर

‘जीरो कैजुअल्टी’ के लक्ष्य के साथ प्रशासन सक्रिय सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द चक्रवात आश्रय …