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सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
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पूजा तोरण हटाने का निर्देश
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27 से 29 अक्टूबर तक प्रशासन सतर्क
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जिले के सभी 130 चक्रवात आश्रय केंद्र तैयार
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113 पंचायतों के 373 संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर
केंद्रापड़ा। चक्रवाती को लेकर केंद्रापड़ा जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला कलेक्टर रघुराम आर अय्यर ने 27, 28 और 29 अक्टूबर को संभावित मौसम संबंधी खतरे के लिहाज से महत्वपूर्ण बताते हुए एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने अगले सप्ताह के लिए सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें।
जिला प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यस्थलों पर उपस्थित रहने तथा चक्रवात से निपटने की तैयारियों की निगरानी करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, राहत सामग्री की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
130 चक्रवात आश्रय सक्रिय
संभावित चक्रवात को देखते हुए केंद्रापड़ा जिले के सभी 130 चक्रवात आश्रय केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, इन केंद्रों में पेयजल, खाद्य सामग्री, जीवनरक्षक दवाइयां और अन्य जरूरी वस्तुओं की व्यवस्था की गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर तत्काल सहायता दी जा सके।
प्रशासन का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि चक्रवात के प्रभाव से किसी क्षेत्र में आवागमन बाधित होने या सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति में भी लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान
जिले में संभावित खतरे को देखते हुए 113 पंचायतों के अंतर्गत 373 संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई है। इन इलाकों के लिए निकासी योजनाएं तैयार की गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
प्रशासन इन क्षेत्रों की परिस्थितियों पर नजर रख रहा है। आवश्यकता के अनुसार स्थानीय अधिकारियों और आपदा प्रबंधन दलों को राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया जाएगा। लोगों से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन की सलाह का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश मिलने पर सहयोग करें।
गजलक्ष्मी पूजा के तोरण हटाने की अपील
केंद्रापड़ा में इन दिनों वार्षिक गजलक्ष्मी पूजा चल रही है। संभावित चक्रवात के दौरान तेज हवाओं से अस्थायी ढांचों के गिरने और दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पूजा समितियों से उत्सव के लिए लगाए गए प्रवेश द्वारों और सजावटी तोरणों को हटाने का अनुरोध किया है।
इसके साथ ही पूजा मंडपों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि खराब मौसम के कारण किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
चौबीसों घंटे सक्रिय जिला नियंत्रण कक्ष
आपातकालीन सूचनाओं के आदान-प्रदान और लोगों की सहायता के लिए जिला नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है। इसके माध्यम से आपात स्थिति से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त करने और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने, आधिकारिक मौसम चेतावनियों पर ध्यान देने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। संभावित चक्रवात के मद्देनजर केंद्रापड़ा में राहत सामग्री, सुरक्षित आश्रय, कर्मचारियों की उपलब्धता और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है।
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