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ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश
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विशाखापट्टनम में तेज हवाओं से पेड़ उखड़े, समुद्र में ऊंची लहरें
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आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तबाही का मंजर
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मकान पर गिरे विशाल पेड़
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दक्षिणी ओडिशा में सतर्कता, 48 हजार लोगों को सुरक्षित पहुंचाने की तैयारी
भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय अति भीषण चक्रवाती तूफान अर्णव का असर आंध्र प्रदेश के साथ-साथ के तटीय इलाकों में दिखाई देने लगा है। विशाखापट्टनम में तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की खबरें सामने आई हैं। भीमिली समुद्र तट पर शक्तिशाली लहरें तट से टकरा रही हैं और समुद्री पानी के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ने की सूचना है। विशाखापट्टनम के महारानीपेटा थाना क्षेत्र में एक विशाल पेड़ मकान पर गिर गया। स्थानीय निकाय और आपदा प्रबंधन दल मलबा हटाने तथा यातायात बहाल करने में जुटे हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापट्टनम के बीच यनम के निकट आंध्र प्रदेश तट पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बढ़ गया है। ओडिशा में पुरी समुद्र तट पर ऊंची लहरें उठ रही हैं तथा महाप्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर के समक्ष सड़क बड़दांड समेत कई इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया है। कोरापुट, मालकानगिरि समेत तटीय जिलों में भारी बारिश की खबर है।
समुद्र से लेकर शहर तक दिखने लगा तूफान का असर
विशाखापट्टनम में चक्रवात की बाहरी हवाओं के प्रभाव से तेज झोंके चल रहे हैं। समुद्र में उठती ऊंची लहरें तटीय क्षेत्रों में खतरे की स्थिति पैदा कर रही हैं। भीमिली समुद्र तट पर लहरों के जोरदार तरीके से टकराने के बीच प्रशासन ने लोगों को समुद्र किनारे जाने से बचने की चेतावनी दी है। शहर में पेड़ों के उखड़ने से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। महारानीपेटा थाना क्षेत्र में एक बड़ा पेड़ मकान पर गिरने के बाद राहत दलों ने उसे हटाने का काम शुरू किया।
आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा सहित अन्य तटीय क्षेत्रों में भी तूफान को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी तेज कर दी है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की गई है।
28 अक्टूबर की सुबह तट पार करने का अनुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के 27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे के बुलेटिन के अनुसार, अति भीषण चक्रवाती तूफान अर्णव पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था। तूफान पिछले छह घंटों में 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा था। उस समय इसका केंद्र विशाखापट्टनम से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, काकीनाड़ा से 240 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और ओडिशा के गोपालपुर से करीब 370 किलोमीटर दक्षिण में था।
बापटला और विशाखापट्टनम के बीच यनम के निकट लैंडफॉल
28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापट्टनम के बीच यनम के निकट तट पार करने की संभावना है। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
ओडिशा के छह जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने पुरी सहित ओडिशा के छह जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। तटीय और दक्षिणी जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
ओडिशा के छह जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
चक्रवात के खतरे को देखते हुए नवरंगपुर, मालकानगिरि, रायगड़ा, कोरापुट, गंजाम और खुर्दा जिलों में स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों और विद्यार्थियों को तेज हवाओं तथा भारी बारिश के संभावित खतरे से बचाना है।
अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह
दक्षिणी ओडिशा के संवेदनशील इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका के बीच प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। अभिभावकों से भी बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है।
48 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी
राज्य के विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के अनुसार, आठ संवेदनशील जिलों में करीब 48 हजार लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाने की तैयारी की गई है। मालकानगिरि जिले में लगभग 9,850 लोगों को स्थानांतरित करने की योजना है। गर्भवती महिलाओं को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
राज्य आपदा मोचन निधि से 19 करोड़ रुपये जारी
राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से 19 करोड़ रुपये जारी किए हैं। प्रशासन ने 135 स्थायी चक्रवात आश्रय स्थलों और करीब 1,600 अस्थायी राहत केंद्रों को तैयार रखा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल और अग्निशमन सेवा के दल संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं। पशुओं के लिए लगभग 1,900 मीट्रिक टन चारा भी जमा किया गया है।
सरकार का लक्ष्य शून्य जनहानि
चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने शून्य जनहानि का लक्ष्य रखा है। राहत एवं बचाव दलों को जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
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