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सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे
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24 घंटे निगरानी; मालकानगिरि और कलाहांडी में विशेष सतर्कता
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24 घंटे के दौरान औसतन 24.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज
भुवनेश्वर। ओडिशा के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने बारिश, नदियों के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन ने आवश्यक एहतियाती और राहत-बचाव उपाय तैयार रखे हैं। फिलहाल राज्य में स्थिति नियंत्रण में है और सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है।
जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर जलभराव, सड़कों पर पानी भरने और अंडरपास बंद होने जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है, खासकर शहरी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
प्रशासन को कच्ची सड़कों, कमजोर संरचनाओं और फसलों पर संभावित प्रभाव के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सबसे अधिक 192 मिलीमीटर बारिश चित्रकोंडा प्रखंड में
राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 24.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 192 मिलीमीटर बारिश मालकानगिरि जिले के चित्रकोंडा प्रखंड में हुई। राज्य के पांच प्रखंडों में 100 मिलीमीटर से अधिक तथा 33 प्रखंडों में 50 से 100 मिलीमीटर के बीच बारिश दर्ज की गई।
जून से अब तक सामान्य से 25.1 प्रतिशत अधिक बारिश
एक सितंबर से 12 सितंबर तक राज्य में कुल 90.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 96.6 मिलीमीटर है। इस तरह इस अवधि में बारिश में 6.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं, एक जून से 12 सितंबर तक राज्य में कुल 1247.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 997 मिलीमीटर है। इस अवधि में बारिश सामान्य से 25.1 प्रतिशत अधिक रही है।
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव और सक्रिय होने की संभावना
उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा उससे लगे दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अगले 24 घंटे के दौरान और अधिक स्पष्ट होने तथा पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा से होकर आगे बढ़ने का अनुमान है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने नुआपड़ा, बलांगीर, कलाहांडी, नवरंगपुर और कोरापुट में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश को लेकर येलो चेतावनी जारी की है। इसके अलावा बालेश्वर, सुंदरगढ़, केंदुझर, मयूरभंज, नुआपड़ा, बलांगीर, कलाहांडी, कंधमाल, नवरंगपुर, रायगड़ा, कोरापुट, मालकानगिरि, गजपति और गंजाम में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
सभी प्रमुख नदियों पर प्रशासन की नजर
राज्य की निगरानी में शामिल सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। शनिवार सुबह तक नराज में महानदी का जलस्तर 22.91 मीटर, पानपोष में ब्राह्मणी का 172.66 मीटर, आनंदपुर में बैतरणी का 34.79 मीटर और मथानी में जालका नदी का जलस्तर 6.46 मीटर दर्ज किया गया। संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के समन्वय से नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
हीराकुद बांध में एक गेट खुला
सुबह 9 बजे हीराकुद जलाशय का जलस्तर 629.10 फीट दर्ज किया गया। जलाशय में 63,767 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी, जबकि 51,062 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। फिलहाल हीराकुद बांध का एक गेट खुला है।
मालकानगिरि में चार प्रखंडों पर विशेष निगरानी
विशेष राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मालकानगिरि जिले में मालकानगिरि, माथिली, कालीमेला और पोडिया प्रखंडों की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है। एहतियाती कदम के तौर पर माथिली और कालीमेला में ओड्राफ की टीमें तैनात की गई हैं।
कांग्रुकोंडा पुल, पांगम पुल, एमवी-96 पुल और कन्याश्रम पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। हालांकि फिलहाल जिले में बारिश नहीं हो रही है और समग्र स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कलाहांडी में भी ओड्राफ की टीम तैनात
कलाहांडी जिले में गोलामुंडा, जूनागढ़, भवानीपाटना और लांजीगढ़ प्रखंडों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करने के लिए ओड्राफ की एक टीम तैनात की गई है।
जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर जलभराव, सड़कों पर पानी आने और अंडरपास बंद होने जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ कच्ची सड़कों, कमजोर संरचनाओं और फसलों को संभावित नुकसान पर भी नजर रखने को कहा गया है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
मौसम की प्रतिकूल स्थिति को देखते हुए ओडिशा तट और उसके आसपास अगले 24 घंटे तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र लगातार 24 घंटे स्थिति की निगरानी कर रहा है और सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों के साथ समन्वय बनाए हुए है। राज्य सरकार ने लोगों से शांत रहने, आधिकारिक मौसम एवं प्रशासनिक सूचनाओं पर भरोसा करने और जारी सावधानियों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता बारिश और संभावित जलभराव या बाढ़ से उत्पन्न किसी भी स्थानीय स्थिति पर तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
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