Home / Odisha / ओडिशा में नई औद्योगिक संभावनाओं पर निवेशकों की नजर

ओडिशा में नई औद्योगिक संभावनाओं पर निवेशकों की नजर

  •     एलएनजी से एआई और दुर्लभ खनिजों तक बड़े अवसर

  •     उभरते नए क्षेत्रों में निवेशकों ने विशेष रुचि दिखाई

दुबई/भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा ने वैश्विक निवेशकों के सामने अपनी नई औद्योगिक संभावनाओं का खाका पेश किया है। दुबई निवेशक सम्मेलन में एलएनजी भंडारण, हरित ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर और दुर्लभ मृदा तत्वों जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेशकों ने विशेष रुचि दिखाई। ओडिशा सरकार अब पारंपरिक खनन और खनिज क्षेत्र की ताकत के साथ मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, तकनीक, प्रसंस्कृत खाद्य और वैश्विक बाजार से जुड़ाव को राज्य की औद्योगिक विकास रणनीति का प्रमुख आधार बना रही है।

परंपरागत रूप से खनन और खनिज क्षेत्र ओडिशा की ताकत रहे हैं, लेकिन राज्य ने प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र को भी बड़े अवसर के रूप में निवेशकों के सामने रखा। सरकार का जोर अब केवल प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित कच्चे उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, तकनीक और वैश्विक बाजार से जुड़ने पर है।

सीएजेडबीएए प्रोजेक्ट वेंचर्स एफजेडसीओ ने एलएनजी भंडारण के लिए एमओयू किया। राणा होल्डिंग्स लिमिटेड ने हरित ऊर्जा, एआई डेटा सेंटर और दुर्लभ मृदा तत्वों से जुड़े क्षेत्रों में एमओयू किया। शराफ ग्रुप ने आवास क्षेत्र और पीटीसीएल इन्फ्रास्ट्रक्चर ने इस्पात एवं इस्पात डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए एमओयू किया।

इसके अलावा डालविन मरीन और टर्बो पावर इंजीनियरिंग से जहाज मरम्मत क्षेत्र, आयन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड से प्रणोदक निर्माण संयंत्र तथा एग्रीफील्ड्स एफजेडसीओ से उर्वरक एवं रसायन क्षेत्र के लिए निवेश रुचि प्रस्ताव प्राप्त हुए।

मुख्यमंत्री ने प्रमुख यूएई आधारित कारोबारियों और निवेशकों के साथ एक-से-एक बैठकें भी कीं। इनमें परियोजना अवसरों, विनिर्माण इकाइयों की स्थापना, मूल्य संवर्धन, तकनीकी साझेदारी और ओडिशा में दीर्घकालिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बनी निवेश की जमीन

तीन दिवसीय यूएई संपर्क अभियान की शुरुआत आबू धाबी में सरकार, संप्रभु निवेश संस्थानों, संस्थागत निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकों से हुई। इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) और अडानी समूह के साथ रणनीतिक बातचीत में महत्वपूर्ण खनिज एवं दुर्लभ मृदा तत्व, धातु एवं धातुकर्म, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण, स्वास्थ्य सेवा, औद्योगिक आधारभूत ढांचा, पर्यटन और कौशल विकास सहित कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई।

पहले दिन इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल ग्रुप (आईबीपीजी) के साथ भी बातचीत हुई। निवेश और आधारभूत ढांचे से जुड़े अवसरों पर संस्थागत चर्चा के साथ बोरोज के साथ ओडिशा में पेट्रोकेमिकल डाउनस्ट्रीम उद्योगों के संभावित विकास पर भी विचार-विमर्श किया गया।

दूसरे दिन संपर्क अभियान का विस्तार सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, इस्पात एवं डाउनस्ट्रीम विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास, दुर्लभ मृदा तत्व, सर्कुलर इकोनॉमी, रसायन और एल्युमिनियम जैसे क्षेत्रों तक हुआ। विभिन्न कंपनियों से प्राप्त एमओयू और निवेश प्रस्तावों ने संभावित परियोजनाओं और साझेदारियों की सूची को और व्यापक बनाया।

मुख्यमंत्री ने यूएई के नेतृत्व और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बातचीत के अलावा एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम का दौरा भी किया। इस दौरान उन्नत एल्युमिनियम विनिर्माण, तकनीक और मूल्य संवर्धन की प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला, जो ओडिशा के डाउनस्ट्रीम औद्योगिक विकास के लिए उपयोगी हो सकती हैं।

‘निवेश से क्रियान्वयन’ की ओर बढ़ेगा ओडिशा

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि ओडिशा अब औद्योगिक विकास के ऐसे नए चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है, जिसमें मूल्य संवर्धन, तकनीक, वैश्विक साझेदारी और परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रमुख आधार होंगे। उन्होंने निवेशकों के लिए राज्य के प्राकृतिक संसाधनों, प्रतिस्पर्धी ऊर्जा उपलब्धता, रणनीतिक बंदरगाहों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे, कुशल मानव संसाधन और स्थापित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को प्रमुख ताकत बताया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यूएई के साथ ओडिशा की साझेदारी केवल अलग-अलग निवेश परियोजनाओं तक सीमित नहीं होगी। इसका उद्देश्य विनिर्माण, व्यापार, तकनीक, निर्यात, नवाचार, कौशल और उद्यमिता के क्षेत्र में दीर्घकालिक एवं टिकाऊ साझेदारी विकसित करना है। उन्होंने यूएई की कंपनियों से भारत में अपने अगले विकास चरण के लिए ओडिशा को पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने का आह्वान किया।

उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वाईं ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए ‘स्पीड, सर्टेनिटी एंड एक्जीक्यूशन’ यानी गति, निश्चितता और क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने निवेश प्रस्ताव से लेकर मंजूरी, परियोजना स्थापना और विस्तार तक पूरे चक्र में निवेशकों को सक्रिय सरकारी सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

ओडिशा-यूएई कारोबारी और सामाजिक संबंध हुए और मजबूत

तीन दिवसीय अभियान में ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, भारतीय राजनयिक प्रतिनिधियों और प्रमुख कारोबारी नेताओं ने भाग लिया। इससे ओडिशा और यूएई के कारोबारी समुदाय के बीच सीधे और निरंतर संवाद के लिए एक मजबूत मंच तैयार हुआ।

मुख्य सचिव अनु गर्ग, उद्योग विभाग की एसीएस तथा गृह एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के एसीएस हेमंत शर्मा, यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल, दुबई में भारत के महावाणिज्यदूत डॉ. ई. बिष्णु वर्धन रेड्डी, ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और आईपीआईसीओएल के प्रतिनिधि विभिन्न बैठकों में शामिल रहे।

दुबई में ओड़िया समुदाय के साथ मुख्यमंत्री की मुलाकात ने आर्थिक संबंधों के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव को भी मजबूत किया। प्रवासी समुदाय को ओडिशा की निवेश, उद्यमिता, व्यापार और विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया।

निवेश के प्रमुख संभावित क्षेत्र

निवेश के प्रमुख संभावित क्षेत्रों में यात्रा एवं पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, वित्त, प्रसंस्कृत खाद्य, महत्वपूर्ण खनिज एवं दुर्लभ मृदा तत्व, खनन एवं धातु, एल्युमिनियम एवं इस्पात डाउनस्ट्रीम, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल, हरित ऊर्जा, एलएनजी, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण, एआई एवं डेटा सेंटर, खाद्य प्रसंस्करण, आधारभूत ढांचा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, रियल एस्टेट, सर्कुलर इकोनॉमी, जहाज मरम्मत, उर्वरक, प्रणोदक निर्माण और अन्य उभरते क्षेत्र शामिल हैं।

यूएई अभियान की सफलता ने निवेश रणनीति को नई गति दी

यूएई अभियान की सफलता ने ओडिशा की वैश्विक निवेश रणनीति को नई गति दी है। अब राज्य सरकार का लक्ष्य निवेशकों की रुचि और प्रस्तावित साझेदारियों को जमीन पर वास्तविक परियोजनाओं में बदलना है। सरकार का जोर परियोजनाओं के तेज क्रियान्वयन, मूल्य सृजन, रोजगार निर्माण तथा घरेलू और वैश्विक बाजारों के साथ मजबूत संपर्क विकसित करने पर रहेगा। तीन दिवसीय अभियान ने ओडिशा को वैश्विक पूंजी, तकनीक, विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया है।

Share this news

About desk

Check Also

पीएम-किसान उत्सव दिवस पर जारी होगी पीएम-किसान की 24वीं किस्त

    ओडिशा के 35.39 लाख किसानों को मिलेंगे 707.85 करोड़ रुपये भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री किसान …