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1 से 6 नवंबर तक मौसम रहेगा खराब
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दक्षिण ओडिशा के पांच जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
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चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट, गंजाम और गजपति की बढ़ेंगी मुश्किलें
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2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचने की संभावना
भुवनेश्वर। अभी चक्रवात अर्णव का कहर अभी थमा भी नहीं कि बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान बनने की घोषणा ने ओडिशा की चिंता बढ़ा दी है। अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र आज सुबह 11:30 बजे तक डिप्रेशन में बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यह मौसम प्रणाली अगले 12 घंटों में डीप डिप्रेशन में बदला और उसके बाद एक नवम्बर को चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकती है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचने की संभावना है।
इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा में 1 से 6 नवंबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 4 से 5 नवंबर के दौरान दक्षिण ओडिशा के कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर के आसपास बना सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 31 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे अवदाब में केंद्रित हो गया। उस समय यह लगभग 10.0 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 90.2 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था।
यह श्री विजयपुरम से लगभग 330 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, चेन्नई से 1,140 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व तथा मछलीपट्टनम से लगभग 1,200 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था।
आईएमडी का अनुमान है कि इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने तथा लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के निकट पहुंचने की संभावना है।
1 और 2 नवंबर को गरज-चमक के साथ बारिश
मौसम विभाग ने 1 और 2 नवंबर के लिए ओडिशा के अनेक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।
इन दोनों दिनों के दौरान बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, केंदुझर, मयूरभंज, रायगड़ा, कोरापुट, मालकानगिरि, गजपति, गंजाम, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बिजली गिरने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। हवा के झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
3 नवंबर को दक्षिण ओडिशा में बढ़ेगा बारिश का प्रभाव
3 नवंबर को दक्षिण ओडिशा के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि उत्तरी ओडिशा के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
रायगड़ा, कोरापुट, मालकानगिरि, गजपति, गंजाम, पुरी और खुर्दा जिलों में कहीं-कहीं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
इसके अलावा बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, केंदुझर, मयूरभंज, कलाहांडी, कंधमाल, नवरंगपुर और नयागढ़ जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
4 नवंबर को पांच जिलों में भारी से अति भारी बारिश का खतरा
मौसम विभाग ने 4 नवंबर को राज्य में बारिश की गतिविधियां व्यापक होने का अनुमान जताया है। इस दिन ओडिशा के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
रायगड़ा, कोरापुट, मालकानगिरि, गजपति और गंजाम जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की आशंका है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा हवा के झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
कई जिलों के लिए येलो अलर्ट
कलाहांडी, कंधमाल, नवरंगपुर, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पुरी और खुर्दा में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
उत्तरी और मध्य ओडिशा के बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, केंदुझर, मयूरभंज, कालाहांडी, कंधमाल, नवरंगपुर और नयागढ़ में भी गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
5 नवंबर को भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
5 नवंबर को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इसके बाद 6 नवंबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। 7 नवंबर की सुबह तक एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
पहले से ही कई जिलों में दर्ज हुई बारिश
मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में बारिश शुरू हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार, अंबाभोना (बरगड़), बालेश्वर, जामशोलाघाट (मयूरभंज), आउपड़ा (बालेश्वर) और एनएच-5 गोविंदपुर में सर्वाधिक 5-5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा टिहिड़ी, रेमुणा और नीलगिरि में 4-4 सेंटीमीटर बारिश हुई। कटक, जाजपुर, सोरो और बाहंगा में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। भद्रक, केंद्रापड़ा, मयूरभंज, ढेंकानाल, सुंदरगढ़, संबलपुर, गजपति, रायगड़ा, पुरी, खुर्दा और जगतसिंहपुर सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी बारिश हुई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पारादीप में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मैदानी क्षेत्रों में नयागढ़ का न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
तेज हवाओं से फसलों और बिजली व्यवस्था को नुकसान की आशंका
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के कारण केले के पेड़ों, बागवानी फसलों और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। पेड़ों की शाखाएं टूटने से बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कमजोर और असुरक्षित ढांचों, कच्चे मकानों, दीवारों तथा झोपड़ियों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। खुले में रखी हल्की वस्तुएं तेज हवा में उड़ सकती हैं।
मौसम विभाग की लोगों से सतर्क रहने की अपील
आईएमडी ने लोगों को मौसम की बदलती परिस्थितियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान घरों के भीतर रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है।
लोगों को पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने, बिजली चमकने के दौरान जलाशयों और अन्य जलस्रोतों से तुरंत बाहर निकलने तथा बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल देने की सलाह दी गई है। साथ ही बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखने और कंक्रीट की दीवारों से सटकर खड़े होने अथवा कंक्रीट के फर्श पर लेटने से बचने को कहा गया है।
नवंबर के शुरुआती छह दिन चुनौतीपूर्ण
नवंबर के शुरुआती छह दिन ओडिशा के लिए मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। विशेषकर दक्षिण ओडिशा के जिलों में 4 और 5 नवंबर को भारी से अति भारी बारिश तथा तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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