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मयूरभंज के बांगीरिपोसी में उमड़ा जनसैलाब
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नम आंखों से दी अंतिम विदाई
मयूरभंज। मयूरभंज जिले में सीआरपीएफ जवान रामचंद्र सोरेन के निधन से शोक की लहर दौड़ गई। देश सेवा के लिए समर्पित इस वीर सपूत को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
रामचंद्र सोरेन मयूरभंज जिले के बांगीरिपोसी क्षेत्र के निवासी थे और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में झारखंड के मुसाबनी क्षेत्र में तैनात थे। जानकारी के अनुसार, वह पिछले कुछ महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आने के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली भेजा गया था, जहां अस्पताल में उपचार के दौरान 22 जून को उनका निधन हो गया।
मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर को विशेष वाहन से उनके पैतृक गांव बांगीरिपोसी लाया गया। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। हजारों लोगों ने पहुंचकर दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतिम दर्शन किए।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई
सीआरपीएफ के जवानों और स्थानीय पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में भव्य अंतिम यात्रा निकाली गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को स्थानीय श्मशान घाट ले जाया गया, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
श्रद्धांजलि स्वरूप सीआरपीएफ के जवानों ने दिवंगत जवान को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। अंतिम संस्कार की सभी रस्में पारंपरिक रीति-रिवाजों और निर्धारित सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार संपन्न की गईं।
क्षेत्र में शोक का माहौल
रामचंद्र सोरेन के असामयिक निधन से उनके परिवार, मित्रों और क्षेत्रवासियों में गहरा दुख है। बांगीरिपोसी समेत पूरे इलाके में शोक का माहौल है। लोग उन्हें एक साहसी, कर्तव्यनिष्ठ और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित जवान के रूप में याद कर रहे हैं। उनके निधन को क्षेत्र और देश के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
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