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आठगढ़ अदालत ने लगाया 5 लाख रुपये का जुर्माना
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ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता
भुवनेश्वर। अवैध पशु तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आठगढ़ के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) न्यायालय ने आरोपी एसके अमांतो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
फैसले में अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत दोषी ठहराया। इस फैसले को अवैध पशु परिवहन नेटवर्क के खिलाफ कटक ग्रामीण पुलिस की मुहिम में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
छापेमारी में पकड़ा गया था अवैध पशु परिवहन गिरोह
मामला 3 मार्च 2026 का है, जब खुंटूनी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर चंपापुर गांव में छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अवैध पशु परिवहन गिरोह का भंडाफोड़ किया और अमानवीय परिस्थितियों में ले जाए जा रहे कई मवेशियों को बचाया।
पुलिस ने इस दौरान परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे दो मिनी ट्रकों को भी जब्त किया था। मामले की जांच खुंटूनी थाने के उपनिरीक्षक एस दास ने की थी, जबकि अदालत में अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व अतिरिक्त लोक अभियोजक देबाशीष शीत ने किया।
99 दिनों में पूरी हुई जांच, 32 दिनों में समाप्त हुआ मुकदमा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच मात्र 99 दिनों में पूरी कर ली गई थी। आरोप पत्र दाखिल होने के छह दिन बाद ही आरोप तय कर दिए गए और मुकदमे की सुनवाई 32 दिनों के भीतर पूरी हो गई। इसे त्वरित जांच और न्यायिक प्रक्रिया का उल्लेखनीय उदाहरण माना जा रहा है।
बीएनएस और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज हुआ था मामला
खुंटूनी थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 303(2), 111(2) और 3(5) के साथ-साथ पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(ए)(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई का संदेश : आईजीपी
कटक केंद्रीय परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक डॉ सत्यजीत नायक ने जांच और अभियोजन टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह फैसला संगठित अपराध और अवैध पशु तस्करी के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह सजा ओडिशा पुलिस और कटक ग्रामीण पुलिस के संगठित अपराध पर अंकुश लगाने, अवैध पशु परिवहन रोकने और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने के प्रयासों का प्रमाण है।
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