Home / Odisha / रायगड़ा भीड़ हिंसा मामले को ‘रेड फ्लैग’ का दर्जा

रायगड़ा भीड़ हिंसा मामले को ‘रेड फ्लैग’ का दर्जा

  •     मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीजीपी का निर्देश

  •     गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 23 पहुंची

भुवनेश्वर। रायगड़ा जिले के कल्याणसिंहपुर में दो स्वयंसेवकों पर हुए भीड़ हमले के मामले को ओडिशा पुलिस ने अत्यंत संवेदनशील मानते हुए ‘रेड फ्लैग’ श्रेणी में शामिल कर लिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाईबी खुरानिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अपराध शाखा तथा महिला अपराध प्रकोष्ठ (सीएडब्ल्यू) को भी जांच में शामिल किया गया है।

अपराध शाखा जांच में शामिल

रायगड़ा के पुलिस अधीक्षक राज प्रसाद ने बताया कि मामले की गंभीर प्रकृति को देखते हुए अपराध शाखा जिला पुलिस की जांच में सहयोग कर रही है। अब तक इस मामले में 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार कई आरोपी अभी भी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस घटना से संबंधित तीन आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं तथा शेष आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं।

अफवाह के कारण स्वयंसेवकों पर हुआ था हमला

गौरतलब है कि 16 जून की रात कल्याणसिंहपुर थाना क्षेत्र के कंदुलगुड़ा गांव के निकट यह घटना हुई थी। बिहार की एक युवती और गुजरात के एक युवक सहित दो स्वयंसेवक कंधमाल के दारिंगबाड़ी से कलाहांडी जिले के थुआमुल रामपुर जा रहे थे। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई गई अफवाह के कारण ग्रामीणों ने उन्हें कथित तौर पर बच्चा चोर समझ लिया और भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार हमले में घायल दोनों स्वयंसेवकों की हालत में सुधार हो रहा है।

महिला की गरिमा और निजता से जुड़ा मामला

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह मामला एक महिला की गरिमा और निजता से भी जुड़ा हुआ है। बिना अनुमति किसी महिला का वीडियो बनाना और उसे प्रसारित करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपराध है। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले को अत्यंत संवेदनशील माना गया है।

कानूनी सहायता टीम का भी गठन

मामले की प्रभावी पैरवी और कानूनी पहलुओं की जांच के लिए एक विशेष कानूनी सहायता टीम का गठन किया गया है। यह टीम प्राथमिकी, उपलब्ध साक्ष्यों तथा अन्य कानूनी पहलुओं का परीक्षण करेगी।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।

Share this news

About desk

Check Also

सुभद्रा योजना के दो साल पूरे

    ओडिशा में घर-घर जलेगा ‘सुभद्रा दीप’     उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा की अपील …