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पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार का बड़ा कदम
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350 पीओएस मशीनें लगेंगी
भुवनेश्वर। पंजीकरण सेवाओं में पारदर्शिता, सुविधा और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी उप-पंजीयक (एसआर) और जिला उप-पंजीयक (डीएसआर) कार्यालयों में कैशलेस लेनदेन प्रणाली लागू करने की दिशा में कदम उठाया है। इस संबंध में निर्णय लोक सेवा भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी ने की।
चरणबद्ध तरीके से लगेंगी 350 पीओएस मशीनें
बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्यभर के एसआर और डीएसआर कार्यालयों में चरणबद्ध तरीके से 350 प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें स्थापित की जाएंगी। ये मशीनें इंडियन बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी और विभिन्न कार्यालयों में होने वाले पंजीकरण कार्यों की संख्या के आधार पर आवंटित की जाएंगी। इन मशीनों की खरीद का पूरा खर्च राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग वहन करेगा।
पहले चरण में भुवनेश्वर, ब्रह्मपुर और संबलपुर में होगी शुरुआत
सरकार ने पहले चरण में भुवनेश्वर, ब्रह्मपुर और संबलपुर के पंजीकरण कार्यालयों में कैशलेस प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इसके बाद अन्य जिलों में भी इसे विस्तार दिया जाएगा।
पांच वर्ष के रखरखाव अनुबंध की व्यवस्था
पीओएस मशीनों के सुचारु संचालन और निर्बाध सेवा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पांच वर्ष के वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध (एएमसी) के दायरे में रखा जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि परियोजना के लिए सरकार की मंजूरी मिलने के बाद एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे डिजिटल भुगतान प्रणाली के संचालन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
डिजिटल भुगतान को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना तथा पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और प्रभावी बनाना है। सरकार ने संकेत दिया है कि अत्यंत आवश्यक और अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर नकद लेनदेन को हतोत्साहित किया जाएगा।
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