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तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्देश
भुवनेश्वर। राज्य सरकार की विद्यालयी पाठ्यपुस्तकों में पाई गई त्रुटियों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में उन्होंने बुधवार को लोक सेवा भवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से विद्यालय एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, मुख्य सचिव अनु गर्ग तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पाठ्यपुस्तकों में हुई गलतियों को तत्काल सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए विकास आयुक्त (डेवलपमेंट कमिश्नर) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया। समिति को यह निर्धारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि पाठ्यपुस्तकों में हुई त्रुटियों के लिए कौन-से अधिकारी अथवा संस्थाएं जिम्मेदार हैं।
सात दिनों में रिपोर्ट तलब
मुख्यमंत्री ने समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों या संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध कड़ी एवं निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
शुद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं – सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता और पाठ्यसामग्री की शुद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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