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सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियों से बढ़ा विवाद
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नियत समय से पहले रथयात्रा आयोजन पर बहस तेज
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श्रीजगन्नाथ परंपरा के सम्मान और संयमित संवाद की उठी मांग
भुवनेश्वर। इस्कॉन द्वारा निर्धारित परंपरागत समय से पहले रथयात्रा आयोजित किए जाने को लेकर चल रहा विवाद अब सोशल मीडिया पर कथित अभद्र टिप्पणियों के आरोपों के बाद और गहरा गया है। जगन्नाथ परंपरा से जुड़े कई श्रद्धालुओं और ओड़िया समुदाय के लोगों ने पहले से निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार ही रथयात्रा मनाए जाने की वकालत की है। उनका कहना है कि पुरी की परंपरा और शास्त्रीय मान्यताओं के अनुरूप रथयात्रा का आयोजन होना चाहिए। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच लगातार बहस चल रही है।
विवाद ने नया मोड़ तब लिया जब कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि समय से पहले रथयात्रा का विरोध करने वाले श्रद्धालुओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। इस पर कई सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों ने चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम और आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील की है।
श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरविंद कुमार पाढ़ी ने भी इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करने तथा शास्त्र और परंपराओं के अनुरूप आचरण करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वहीं, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीकों के दौर में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों का सत्यापन आवश्यक है। विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने भी संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान निकालने और श्रीजगन्नाथ की विरासत एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
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