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प्री-रेरा अपार्टमेंट परियोजनाओं के पंजीकरण का रास्ता हुआ आसान

  •     ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला

  •     पुराने आवासीय प्रोजेक्टों के खरीदारों, भू-स्वामियों और प्रमोटरों को राहत

  •     विशेष आदेश जारी कर दी कानूनी मंजूरी

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने 5 अक्टूबर 2016 से पहले पूर्ण हुई प्री-रेरा अपार्टमेंट परियोजनाओं के खरीदारों, भू-स्वामियों और प्रमोटरों को बड़ी राहत देते हुए अपार्टमेंट पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विशेष आदेश जारी किया है। इस निर्णय का उद्देश्य वर्षों से लंबित पंजीकरण संबंधी समस्याओं का समाधान करना और पुराने आवासीय परियोजनाओं में कानूनी अड़चनों को दूर करना है।

आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ कृष्ण चंद्र महापात्र ने बताया कि ओडिशा राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित इस विशेष आदेश के माध्यम से उन दस्तावेजी और अनुपालन संबंधी बाधाओं को समाप्त किया गया है, जिनके कारण अनेक अपार्टमेंट इकाइयों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा था।

मंत्री ने कहा कि ओडिशा अपार्टमेंट (स्वामित्व एवं प्रबंधन) अधिनियम, 2023 लागू होने के बावजूद प्री-रेरा परियोजनाओं के कई खरीदारों को हस्तांतरण विलेख (सेल डीड) के पंजीकरण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। 3 दिसंबर 2025 को जारी विशेष आदेश से व्यक्तिगत आवंटियों को राहत मिली थी, लेकिन प्रमोटरों और भू-स्वामियों के पास बची अपार्टमेंट इकाइयां उसके दायरे से बाहर थीं। अब नए विशेष आदेश के जरिए इस समस्या का भी समाधान किया गया है।

किन परियोजनाओं को मिलेगा लाभ

विशेष आदेश के तहत केवल उन्हीं अपार्टमेंट परियोजनाओं को छूट मिलेगी जो 5 अक्टूबर 2016 से पहले पूरी हो चुकी हैं। साथ ही, संबंधित परियोजना की कम से कम 50 प्रतिशत इकाइयों का पंजीकृत विक्रय विलेख रेरा लागू होने की तिथि से पहले निष्पादित होना आवश्यक होगा।

इसके अलावा, जिस अपार्टमेंट का पंजीकरण कराया जाना है, वह ओडिशा विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1982 अथवा ओडिशा टाउन प्लानिंग एंड इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट अधिनियम, 1956 के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत भवन योजना का हिस्सा होना चाहिए।

पारदर्शिता के लिए तय किए गए नए प्रावधान

सरकार ने खरीदारों के हितों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रमोटरों और भू-स्वामियों को परियोजना परिसर में स्वीकृत भवन योजना प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया है।

बची हुई किसी भी अपार्टमेंट इकाई की पहली बिक्री से पहले आवंटियों के संघ (एसोसिएशन ऑफ अलॉटीज) से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना होगा, जिसमें स्वीकृत योजना के अनुसार अपार्टमेंट नंबरों की पुष्टि की जाएगी। साथ ही पंजीकरण प्राधिकारी के समक्ष सभी पात्रता शर्तों के अनुपालन का शपथपत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

अवैध निर्माण को नहीं मिलेगी मान्यता

डॉ महापात्र ने स्पष्ट किया कि यह विशेष छूट केवल वास्तविक और पात्र अपार्टमेंटों के पंजीकरण को सुगम बनाने के लिए है। इसे किसी भी प्रकार से अवैध निर्माण को नियमित करने के रूप में नहीं देखा जाएगा। भवन नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों में संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

साझा संपत्तियों पर रहेगा मालिकों का अधिकार

विशेष आदेश के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत निष्पादित प्रत्येक विक्रय विलेख में आवंटी के साझा क्षेत्र और सुविधाओं में अनुपातिक अविभाजित हिस्सेदारी के हस्तांतरण का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। इन साझा क्षेत्रों और सुविधाओं का स्वामित्व ओडिशा अपार्टमेंट (स्वामित्व एवं प्रबंधन) अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के अनुरूप आवंटियों के संघ में निहित रहेगा।

राज्यपाल के आदेश से जारी और अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी द्वारा अधिसूचित यह विशेष आदेश ओडिशा में लंबे समय से लंबित संपत्ति पंजीकरण संबंधी मामलों के समाधान और शहरी आवासीय प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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